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खुद की आग में जले निगम के हाथ

Sat, 29 Nov 2014 05:30 AM IST
Meerut
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मेरठ। बीओटी पर दिए गए मार्गों और चौराहों पर नगर निगम अपने ही बुने जाल में फंसता नजर आ रहा है। बीओटी ठेकेदार के साथ अनुबंध और आरटीआई में नगर निगम से मिले जवाब में विरोधाभास से तो यही बात सामने आ रही है। ठेकेदार ने इसी का फायदा उठाया। आरटीआई के जवाब को नजीर बनाकर वे कोर्ट से स्टे ले आए। ऐसे में नगर निगम प्रशासन को जवाब भी नहीं सूझ रहा है। हालांकि, अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सभी सुबूतों के साथ जल्द ही कोर्ट में अपना पक्ष रख कर स्टे निरस्त कराया जाएगा।
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बीओटी के तहत नगर निगम ने छह मार्गों पर डिवाइडर, ग्रिल, विद्युत पोल की रंगाई-पुताई, रखरखाव और स्ट्रीट लाइट जलाने-बंद करने का ठेका दिया था। इसके लिए निगम और अभिनव एडवरटाइजिंग एजेंसी से 22 मई 2013 को 24 शर्तों के साथ करार हुआ था। निगम प्रशासन की मानें तो ठेकेदार करार के मुताबिक काम नहीं कर रहा है।
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ये मार्ग और चौराहे बीओटी पर:
दिल्ली रोड, हापुड़ रोड, तेजगढ़ी से एल ब्लॉक तिराहा, गढ़ रोड, मोदीपुरम रोड से जीरो माइल होते हुए मवाना रोड यशोदा कुंज तक, विवि रोड से तेजगढ़ी चौराहे से आयुक्त आवास तक।
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यूनिपोल का तो जिक्र ही नहीं:
बीओटी की शर्तों में यूनिपोल का कहीं कोई जिक्र नहीं है। इसके बाद भी बड़े-बड़े यूनिपोल तान दिए गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब ये यूनिपोल लगाए जा रहे थे, उस समय निगम के अधिकारी कहां थे।
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ये है बीओटी की शर्तें:
- बीओटी मार्गों के डिवाइडर और उन पर लगे विद्युत पोलों का रखरखाव। सभी विद्युत पोल पर 30 गुणा 40 इंच का एक विज्ञापन पट लगाने। डायरेक्शन बोर्ड लगाकर ही विज्ञापन लगेगा। ठेकेदार डिवाइडर पर कोई नया पोल लगाएगा तो निगम से अनुमति लेनी होगी।
- विज्ञापन पट के 30 फीसदी हिस्से पर जनहित के संदेश (जैसे शासन की नीति) आदि का निशुल्क प्रचार करना होगा।
- विद्युत पोल और डायरेक्शन बोर्ड के अतिरिक्त अन्य किसी स्थान पर विज्ञापन पट नहीं लगेगा।
- अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर ठेका निरस्त कर दिया जाएगा।
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आरटीआई में निगम का जवाब:
- आरटीआई में मांगी गई जानकारी में नगर निगम जन सूचना अधिकारी ने 23 अगस्त 2013 को स्पष्ट बताया कि बीओटी के प्रस्तावित सभी छह मार्गों पर 120 डायरेक्शन बोर्ड लगाए जाएंगे।
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वर्जन
- अनुबंध में सिर्फ 26 स्थानों पर डायरेक्शन बोर्ड लगाए जाने हैं। ठेकेदार के पास कैसी आरटीआई है। हम नहीं जानते। अनुबंध के अनुरूप ही निगम को कोई कदम उठाने का अधिकार है। -राजेश कुमार, होर्डिंग प्रभारी नगर निगम
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- निगम की तरफ से पूरी आख्या के साथ इस प्रकरण की फाइल मिल गई है। तीन दिसंबर को स्टे खारिज कराने के लिए कोर्ट में फाइल दाखिल की जाएगी। -संजय शर्मा, एडवोकेट नगर निगम
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