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फंस गया आईआईटी रुड़की का कैंट सर्वे

Tue, 18 Nov 2014 05:30 AM IST
Meerut
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मेरठ। छावनी क्षेत्र का डिजिटल लैंड सर्वे की फाइनल रिपोर्ट बाउंड्री पिलर के रिकॉर्ड पर फंस गई है। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट और कैंट बोर्ड के मैनुअल रिपोर्ट में अंतर है। इसकी जांच के लिए 19 नवंबर को आईआईटी रुड़की टीम दोबारा मेरठ छावनी का निरीक्षण करेगी।
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आईआईटी रुड़की टीम मेरठ छावनी की सीमाओं, सड़कों और छावनी क्षेत्र का डिजिटल सर्वे कर रही है। मेरठ छावनी का सेटेलाइट मैप भी तैयार करना है। जिसके जरिये ये पता चल सकेगा कि मेरठ छावनी की सीमाएं क्या हैं और कैंट में सेना की भूमि पर कितना अतिक्रमण और अवैध निर्माण हो चुका है। आईआईटी रुड़की ने अक्तूबर में सर्वे रिपोर्ट सौंपी थी। सर्वे रिपोर्ट का मिलान जब छावनी परिषद ने अपने लैंड रिकॉर्ड से किया तो कुछ बाउंड्री पिलर में अंतर मिला। डिजिटल सर्वे और बोर्ड लैंड रिकॉर्ड में बाउंड्री पिलर में अंतर के कारण पूरी स्थिति साफ नहीं हो रही है। कैंट बोर्ड सीईओ डॉ. डीएन यादव ने बताया कि बाउंड्री पिलर के डाटा में आ रहे अंतर की जमीनी स्तर पर जांच होगी। नवंबर के अंत तक लैंड सर्वे का कार्य पूरा हो जाएगा।
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