मेरठ। दुर्गा कॉम्प्लेक्स में धमाके की कहानी दावों और आशंकाओं के बीच उलझ गई है। शुरुआती जांच के बाद आईजी जोन ने कहा है कि धमाका हाई कार्बन कंटेंट केमिकल से हुआ। उनके मुताबिक, जो कुछ हुआ, दुकान के अंदर से हुआ। दुकान में करीब 50 किलो टोनर रखा था। किन्हीं कारणों से गैस के साथ इतना प्रेशर बना कि धमाका हुआ और आसपास की दुकानें भी चपेट में आ गईं। वहीं, जनप्रतिनिधि कह रहे हैं कि धमाका गलत मकसद की तरफ इशारा कर रहा है।
शुक्रवार सुबह दुर्गा कॉम्प्लेक्स में जांच के लिए पहुंचे आईजी जोन आलोक शर्मा ने बताया कि जिस दुकान में धमाका हुआ, उसमें काफी मात्रा में टोनर रखा था। यह फोटो स्टेट मशीन की कार्टेज की रिफिलिंग में काम आता है। नितिन की दुकान के अंदर से तीन तरफ, जहां तक धमाके की मार हुई, वहां टोनर इंक की कालिख मिली है। दुकान के अंदर भी ऐसा ही मिला। शुक्रवार देर शाम तक एफएसएल के वैज्ञानिकों और बम निरोधक दस्ते द्वारा की गई जांच में ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे कहा जा सके कि किसी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ हो।
उन्होंने कहा कि आगरा एफएसएल से भी विस्तृत जांच के लिए वैज्ञानिकों की टीम बुला ली गई है, जो विस्फोट के असली कारणों का पता लगाएगी। आईजी ने इस घटना को बिजनौर ब्लास्ट से जोड़ने से इनकार करते हुए कहा कि यह आधी रात को ऐसे स्थान पर हुई, जहां कोई परिवार नहीं रहता। न वहां भीड़ थी और न ही आसपास। उधर, एसएसपी ओंकार सिंह का कहना है कि धमाके से दुकानदारों को भारी क्षति पहुंची है। फोरेंसिक एक्सपर्ट हर पहलू की पड़ताल कर रहे हैं। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
एफएसएल ने लिए कई नमूने:
पांच घंटे की पड़ताल में फोरेंसिक एक्सपर्ट ने नितिन की दुकान से कई नमूने जांच के लिए सील बंद किए हैं। आईजी आलोक शर्मा और डीआईजी रमित शर्मा द्वारा मौका मुआयना करने के बाद एक्सपर्ट ने शाम करीब पांच बजे तक दुकान की खुदाई कराकर नमूने लिए। एक्सपर्ट का कहना है कि लैब में जांच के बाद इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।
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वर्जन
फोटो स्टेट मशीन में रिफिलिंग में काम आने वाला ड्राई टोनर एक तरह से विस्फोटक का ही काम करता है। टोनर में लेड होता है, जिसमें नाइट्रेट भी मिक्स होता है। यह किसी बंद कमरे में भारी मात्रा में हो और चिंगारी या ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आ जाए तो काफी प्रेशर से फट सकता है। -डॉ. आरके सोनी, केमिस्ट्री हेड, सीसीएसयू कैंपस
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हल्के में न ले पुलिस:
यह गहन जांच का विषय है। सूचना पर फायर ब्रिगेड और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन सुबह तक घटनास्थल को खुला छोड़ दिया गया। सुबह 11 बजे तक वहां सैकड़ों लोग पहुंच गए। ऐसे में चाहे डॉग स्क्वाएड पहुंचे या कोई और, क्या सबूत मिलेगा। पुलिस अफसर इसे हल्के में न लें। जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसका ठोस निष्कर्ष निकलना चाहिए। इस संबंध में मैं केंद्रीय गृहमंत्री से भी वार्ता कर रहा हूं। -डॉ. लक्ष्मीकांत वाजेपयी, भाजपा प्रदेश यह काफी बड़ी घटना है। पुलिस इसके कारणों को नजरअंदाज न करे। पीड़ित व्यापारियों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। -विनीत शारदा अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ