मेरठ। त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार सुबह पुलिस लाइन मैदान में दंगा नियंत्रण ड्रिल की गई। सुबह सात बजे शुरू हुई ड्रिल में एक तरफ बलवाई रहे तो दूसरी तरफ फोर्स। इस दौरान यह देखा गया कि शुगर मिल के विरोध में इकट्ठा हुए किसानों को कैसे रोका जाए। आक्रोशित किसानों को पहले समझाने की कोशिश हुई। बात न बनने पर घुड़सवार पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद ली गई। पानी की बौछार और लाठीचार्ज के बाद भी भीड़ नहीं हटी और कई जगह आगजनी कर दी तो टीयर (आंसू) गैस गन चलाई गई। कुछ पुलिसकर्मियों ने रबर बुलेट गन का प्रयोग किया तो कुछ ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
अफसरों के आंसू निकले:
पुलिस बलवाइयों की तरफ जो गोले फेंकती, बलवाई उसे वापस पुलिस फोर्स पर फेंक देते। इस दौरान कुछ गोले आईजी जोन और अन्य अफसरों के आसपास गिरे तो उनके आंसू निकल पड़े। मजाक में एक अफसर बोल पड़े कि जान-बूझकर हमारी तरफ गोले फेंके गए। ड्रिल के दौरान आईजी जोन आलोक शर्मा ने कहा कि पुलिस ऐसे हालात में बलवाइयों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा सुबूत इकट्ठा करे।
शहर में अफरातफरी:
पुलिस लाइन के बाद एसएसपी ओंकार सिंह ने शहर में दंगा नियंत्रण स्कीम लागू करने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही शहर में पहले से फिक्स दंगा नियंत्रण प्वाइंटों पर पुलिसकर्मी दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ पहुंच गए। इस दौरान शहर में अफरातफरी देखने को मिली। ड्रिल में डीआईजी रमित शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।