मेरठ। आतंकी हमलों की आशंका के चलते प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर खुफिया एजेंसियों की पैनी निगाह रहेगी। खासतौर पर दशहरा के अवसर पर मैदानों में रावण का परिवार एटीएस की निगरानी में रहेगा। दहन से पूर्व पुतलों की एटीएस द्वारा एंटी सैबोटॉज चेकिंग कराई जाएगी।
बिजनौर से फरार चल रहे सिमी आतंकियों के कारण दशहरा और बकरीद को सकुशल संपन्न कराना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। वहीं आतंकी मेरठ से लैपटॉप और एंटी वायरस साफ्टवेयर खरीदकर ले जा चुके हैं। खुलासे के बाद एटीएस और एसटीएफ ने खुफिया रूप से जिले में ऑपरेशन भी चलाया था।
एसएसपी ओंकार सिंह ने बुधवार को बताया कि दशहरा और बकरीद के पर्व को देखते हुए शहरी क्षेत्र में चार कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ और पीटीएस के जवानों को तैनात किया गया है। जबकि देहात में दो कंपनी पीएसी लगाई गई है। एटीएस और बम निरोधक दस्ता दशहरा पर प्रमुख रामलीला मैदानों में जाकर रावण और अन्य पुतलों की चेकिंग करेगा। जबकि बकरीद पर धार्मिक स्थलों की एंटी सैबोटॉज चेकिंग की जाएगी। दुर्गा पूजा के पंडालों और दशहरा के मेले के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतने की कवायद की जा रही है। वहीं निर्देश दिए गए हैं कि पुलिस संदिग्ध लोगों के अलावा बैग आदि पर भी फोकस रखे।