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49 हजार की नकली करेंसी के साथ दो सगे भाई गिरफ्तार

Sat, 23 Aug 2014 05:30 AM IST
Meerut
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मेरठ। सीमा पार से नकली नोटों का गोरखधंधा बेरोकटोक जारी है। शुक्रवार को बागपत तिराहा मस्जिद के पास से टीपी नगर एसओ रणवीर सिंह ने दो सगे भाइयों को 49 हजार रुपये की नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ओंकार सिंह और सीओ ब्रह्मपुरी विजय प्रताप सिंह के अनुसार यह खेप बांग्लादेश से वाया पश्चिम बंगाल मेरठ लाई गई थी। इसे एनसीआर में चलाया जाना था। नकली नोट लाने वाले इस रैकेट से जुड़े दो आरोपी अभी फरार हैं।
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ससुराल से जुड़ा कनेक्शन
पकड़े गए दोनों भाई शौकीन और गुलशेर पुत्र कमरुद्दीन मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर के तावली गांव के रहने वाले हैं। पेशे से राज मिस्त्री शौकीन की ससुराल गांव रामपुरा थाना जागीपुरा जिला मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल में है। शौकीन ने बताया कि उसकी शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। करीब एक साल पहले जब वह ससुराल गया था तो सब्जी बाजार में उसकी मुलाकात रामपुरा के पड़ोसी गांव कछिया डांगा के निवासी सिराज नाम के सप्लायर से हुई थी। गांव पसौंडा थाना साहिबाबाद गाजियाबाद निवासी कमल और शाहपुर के गांव कसेरवा का अमर पुत्र कमरुद्दीन भी सिराज से उसके साथ नकली नोट लाता था। टीपी नगर एसओ रणवीर सिंह यादव ने एसएसपी ओंकार सिंह के अनुसार
50-50 का फायदा
शौकीन ने बताया कि सिराज ने उससे कहा था कि राज मिस्त्री के काम से 200-300 रुपये कमाकर काम नहीं चलेगा। कमाना है तो मोटे पैसे कमाओ। उसने लालच देते हुए कहा कि मैं तुम्हें आधी कीमत पर नकली नोट दूंगा। इसमें तुम्हें दोगुने का फायदा होगा। उदाहरण के तौर पर सिराज ने उससे 50 हजार रुपये लेकर एक लाख रुपये के नकली नोट दिए। इन्हें शौकीन आगे एक लाख रुपये में चला देता था।
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2.50 लाख रुपये लाए थे
शौकीन के अनुसार सिराज से 2.50 लाख रुपये के नकली नोटों की खेप लाई गई थी। जिसमें 1-1 लाख के नकली नोट अमर और कमल के पास थे जबकि उसके पास 500-500 के नोट में 50 हजार रुपये थे। इसमें वह एक हजार रुपये किराया और खाने-पीने में खर्च कर चुका था। फरार अमर और कमल की तलाश जारी है।
सब्जी से लेकर लिपस्टिक तक खरीदी
शौकीन ने बताया कि करीब छह महीने में वह सिराज से छह लाख रुपये के नकली नोट ला चुका है। उसके साथ उसका भाई भी रहता है। इन नकली नोटों को चलाने के लिए उसने सब्जी और फलों के अलावा पत्नी के लिए लिपस्टिक, बिंदी, चूड़ी और महंगे कपड़े खरीदे। ज्यादातर नोट वह मुजफ्फरनगर में सब्जी और फल मंडी, ठेलों और दुकानों पर चलाता था।
गोरखधंधा में एनसीआर का गैंग
शौकीन ने खुलासा किया है कि एनसीआर से उसके साथ पूरा गैंग जुड़ा है। जो मुर्शिदाबाद से नकली नोट लाता है। इस गैंग में दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर के सदस्य हैं। सभी अपने-अपने जिलों में नकली नोट चलाते हैं। सिराज के पास नकली नोटों की खेप बांग्लादेश से पहुंचती है। सिराज ने बताया था कि ये नकली नोट पड़ोसी देश में छपते हैं, जो बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल पहुंचते हैं।
नहीं होती चेकिंग
शौकीन के अनुसार पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक जनरल क्लास में सफर करता था। उसके बैग की कहीं चेकिंग नहीं होती थी। बस उसे केवल अपनी आईडी दिखानी होती थी।
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