अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/नई दिल्ली। एनसीआर के चोरी के वाहनों की बड़ी मंडी माना जाने वाला सोतीगंज अब विदेशी कारों के चोरी हुए रियर व्यू मिरर्स (साइड मिरर या साइड के शीशे) का हब बन गया है। पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार और विवेक विहार इलाके में विदेशी और महंगी कारों से ये मिरर उड़ाने की 100 से ज्यादा वारदातें हो चुकी हैं। इनकी सप्लाई सोतीगंज में भी होती है।
u यह है मुसीबत
ज्यादातर मामलों में घर के बाहर खड़ी कारों को निशाना बनाया गया है। पुलिस भी इन चोरियों को गंभीरता से नहीं लेती। शिकायत पर मामला तो दर्ज हो जाता है, पर पुलिस इन गैंगों तक नहीं पहुंच पाई।
u ऑन डिमांड चोरी
साइड मिरर चोरी की वारदात को ऑन डिमांड अंजाम दिया जाता है। ग्राहक की मांग के अनुसार गैंग को कार का मॉडल, रंग और मेक बता दिया जाता है। कुछ ही दिनों बाद गैंग, ग्राहक को मांग के अनुसार मिरर उपलब्ध करा देते हैं।
u ऐसी कारें निशाने पर
मार्केट में सबसे ज्यादा बीएमडब्ल्यू, मर्सडीज, ऑडी, स्कोडा, टोयोटा फॉरचुनर, फोर्ड एंडेवर, रेंज रोवर और टोयोटा इनोवा जैसी गाड़ियों के रियर व्यू मिरर की डिमांड है। बीएमडब्ल्यू, मर्सडीज, ऑडी और रेंज रोवर कारों के मिरर की कीमत तो एक से तीन लाख रुपये तक है। पुराने कार के बाजार में यह 20 से 50 हजार रुपये के बीच उपलब्ध हो जाती है। दुकानदार और कबाड़ी भारतीय कारों के मॉडल के दो से तीन हजार वसूलते हैं।
u यहां होती हैं बिक्री
सोतीगंज मेरठ, कश्मीरी गेट, जामा मस्जिद और मायापुरी (दिल्ली) में इस तरह के मिरर आसानी से मिल जाते हैं।