फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कागजों में साफ और धरातल पर अटे हैं नाले निगम ने बनाया था 20 जून तक सफाई करने का प्लान

Sat, 21 Jun 2014 05:33 AM IST
Meerut
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
मेरठ। महानगर के नालों की सफाई भले ही नगर निगम की फाइलों में पूरी हो गई हो, लेकिन धरातल पर स्थिति अच्छी नहीं है। यहां नाले सिल्ट से अटे पड़े हैं। कुछ नालों से निकाला गया सिल्ट सड़कों पर पड़ा है। नालों की सफाई को लेकर पिछली कार्यकारिणी एवं बोर्ड बैठक में महापौर और पार्षदों ने असंतोष जताया था।

महानगर में नालों की सफाई जेसीबी, पोर्कलेन, फासी मशीन और कर्मचारियों से कराई जाती है। नालों की सफाई पर प्रतिवर्ष भारी भरकम धनराशि खर्च होती है। इसके बावजूद महानगर को जलभराव से मुक्ति नहीं मिल पाई है। हाल ही में हुई हल्की बारिश ने नालों की सफाई की पोल खोल दी। माना जा रहा है कि इस बार बरसात में महानगर के नाले उबलकर सड़कों पर बहेंगे। क्योंकि नालों की सफाई फाइलों में अधिक और धरातल पर कम हुई है। इसे महापौर और पार्षद स्वीकार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नालों की संख्या, लम्बाई और मशीनरी

36 49350 जेसीबी, पोर्कलेन, फासी

84 70250 छोटी पोर्कलेन

147 87850 निगम कर्मचारियों से

90 फीसदी नालों की सफाई हो चुकी है। महानगर में संचालित डेरियों से निकलने वाले गोबर से नाले भरने में देर नहीं लगती है। कुछ नाले ऐसे हैं जहां अतिक्रमण के चलते पर्याप्त सफाई नहीं हो पाई है। कई नालों की सफाई अब भी चल रही है। - डाॅ. राजवीर सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

नालों की सफाई हुई है, लेकिन संतोषजनक नहीं। 30 जून तक सभी नालों की सफाई करने के निर्देश दिए हैं। - हरिकांत अहलुवालिया, महापौर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें