मेरठ। लाउडस्पीकर की वजह से जिले में माहौल कई बार गरमा चुका है। नंगला मल में भी धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर से चलाने पर विवाद हुआ, जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी। कई महीने तक गांव में तनाव रहा। इसके अलावा भी कई घटनाएं हुईं, जिसके कारण तनाव का माहौल बना।
शांति कायम रखने की अपील
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅक्टर चरण सिंह लिसाड़ी, केदार सिंह, पार्षद उमा शंकर पाल और अमर चपराना ने बताया कि रात में उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में गांवों के दोनों संप्रदाय के लोगों से शांति बनाने की अपील की गई।
सांप्रदायिकता बवाल
तीरगरान बवाल : 10 मई को तीरगरान में विवादित जमीन पर प्याऊ बनाने को लेकर बवाल हुआ। आसपास के मोहल्लों में हिंसा हुई और व्यापारी सुशील रस्तोगी के बेटे शुभम की मौत हो गई। कई दिन तक तनाव बना रहा।
नंगला मल : मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव नंगला मल में अगस्त 2013 में धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर बजाने के विवाद में बवाल हुआ, दो लोगों की जान चली गई। कई दिन तक तनाव के कारण गांव में पीएसी तैनात रही।
नंगली : किठौर क्षेत्र के गांव नंगली में सितंबर 2013 में धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर पर भजन चलाने के विवाद पर मारपीट हुई। 15 दिन तक गांव में तनातनी रहीं, पंचायतों का दौर चला। बाद में मामला सुलझाया गया।
छींपी टैंक : जुलाई 2013 में छीपी टैंक के निकट सड़क पर धार्मिक स्थल से बाहर सड़क पर नमाज होने से विवाद गरमाया। छह दिन तक माहौल बनता बिगड़ता रहा। दोनों संप्रदायों के लोगों को साथ लेकर बड़ी मुश्किल से विवाद निपटा।
मवी मीरा : दौराला क्षेत्र के गांव मवी मीरा में अक्तूबर 2013 में कब्रिस्तान की दीवार निर्माण के विरोध पर बवाल हुआ। गांव में कई दिन पीएसी तैनात रही। 15 दिन बाद मामला ठंडा पड़ा।
उल्देपुर : मई 2014 में दौराला क्षेत्र के उल्देपुर गांव में धार्मिक स्थल से मूर्तियां खंडित करने पर विवाद गरमाया। कई दिन तक तनातनी चली।