मेरठ/खरखौदा। एसएसपी ने विवेचना में लापरवाही बरतने पर दो दरोगा को सस्पेंड कर दिया। इनमें एक दरोगा ने महीने भर से गुणवत्तापरक विवेचना नहीं की। वहीं, दूसरे ने एक्सीडेंट की विवेचना में खेल कर दिया।
एसएसपी ओंकार सिंह ने बुधवार शाम खरखौदा में किठौर, मुंडाली और खरखौदा थाने का अर्दली रूम (ओआर) लिया था। उन्होंने थाना खरखौदा की जर्जर बिल्डिंग, शौचालयों की सफाई, थाने के पीछे खडे़ वाहनों के रखरखाव का निरीक्षण किया। उन्होंने लावारिस वाहनों के निस्तारण, नीलामी, गंदगी तथा हवालात में पुताई नहीं कराने पर नाराजगी जताई।
किठौर थाने की उन्हें 171 विवेचनाएं लंबित मिलीं। ओआर से नदारद रहने और एक माह में केवल एक विवेचना निपटाने पर दरोगा रामचंद को सस्पेंड कर दिया। मुंडाली थाने की लंबित 81 विवेचनाओं के बारे में जानकारी ली। मुंडाली थाने के दरोगा रामबीर सिंह द्वारा विद्युत अधिनियम के एक मुकदमे का 2013 से आज तक निस्तारण नहीं करने पर नाराजगी जताई। खरखौदा इंस्पेक्टर दिनेश कुमार और दरोगाओं से सर्किल में सबसे अधिक लंबित 252 विवेचनाओं के बारे में पूछताछ की। एचसीपी सतपाल सिंह के पास सबसे अधिक 98 विवेचना लंबित होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित विवेचना 15 दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने थाना नौचंदी में तैनात दरोगा प्रकाश चंद को भी सस्पेंड कर दिया। इनके खिलाफ एक्सीडेंट से संबंधित विवेचना में खेल करने की शिकायत थी।