मेरठ। मेडिकल कॉलेज में समय पर इलाज न मिलने के कारण महिला की मौत के मामले में प्राचार्य की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच कमेटी मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को प्राचार्य के बाहर होने के कारण मामले में पूछताछ नहीं हो सकी। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार कॉलेज प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार सुबह बागपत निवासी बेबी यादव पत्नी सुभाष यादव की मौत हो गई थी। परिजनों ने हंगामा कर आरोप लगाया था कि रात में मरीज का बीपी कम होने के बाद चार से पांच बार डॉक्टरों को बुलाने के लिए गए, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। ऐसे में तबीयत बिगड़ती चली गई और करीब चार बजे मरीज की मौत हो गई। इस मामले में प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता द्वारा ड्यूटी पर तैनात चार जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स को सस्पेंड कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले पर कार्रवाई होनी चाहिए। जांच का दायरा सिर्फ रात के समय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, नर्स और अन्य स्पोर्टिंग स्टाफ तक सीमित नहीं रहेगा। स्टाफ का ड्यूटी रजिस्ट्रर तलब कर लिया गया है। टीम इस बात की भी जांच करेगी कि सीनियर डॉक्टर कब-कब निरीक्षण करते हैं। यदि उस स्तर पर भी खामी पाई गई तो कॉलेज प्रशासन कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
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वर्जन
शुक्रवार को एमसीआई की बैठक के चलते बाहर था। इस कारण जांच शुरू नहीं हो पाई है। शनिवार से मामले में जांच शुरू कर दी जाएगी। जिस पर स्तर पर लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. प्रदीप भारती गुुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज