मेरठ। तहसीलदार सदर द्वारा सीयूजी (क्लोज्ड यूजर ग्रुप) नंबर बंद रखने का मामला तूल पकड़ गया है। एसडीएम सदर ने खरखौदा क्षेत्र में एक मई को अवैध खनन की सूचना के बावजूद तहसीलदार के न जाने और फोन बंद रखने पर उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। एसडीएम ने अवैध खनन में तहसीलदार के भी संलिप्त होने कासंदेह जताया है।
खरखौदा थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलीखेड़ा के पास एक मई की रात अवैध खनन हो रहा था। इसकी सूचना पर डीएम आवास से फोन पर तहसीलदार और एसडीएम सदर को भी सूचना दी गई। इसके बाद भी तहसीलदार न खुद मौके पर गए और न ही थाना खरखौदा को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। एसडीएम सदर शिवकुमार ने नोटिस में कहा कि उक्त सूचना मिलने के बाद तहसीलदार सदर महेंद्र बहादुर सिंह ने अपना सीयूजी नंबर बंद कर लिया। जब रात में करीब 11:45 बजे एसडीएम ने एक होमगार्ड को तहसीलदार के आवास पर भेजा तो उसे यह कहा गया कि साहब सो रहे हैं। इसके बाद खुद एसडीएम ने मौके पर जाकर कार्रवाई की। दो जेसीबी मशीन और तीन डंपर खरखौदा थाने में जमा कराए।