मेरठ। खरखौदा में राजकीय महिला डिग्री कॉलेज बनाने की मुख्यमंत्री की घोषणा फंड की मोहताज है। बजट पास होने के बावजूद फंड लटका है। नौ करोड़ रुपये के बजट में सिर्फ 50 लाख रुपये जारी हुए। भवन बनने का काम बजट नहीं जारी होने की वजह से रुका हुआ है। शासन से बजट मांगा गया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खरखौदा लड़कियों के लिए राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। बीए, बीएससी और बीकॉम से कॉलेज शुरू होना है। घोषणा को दो साल हो गए, लेकिन अभी तक कॉलेज का भवन ही नहीं बना। मुख्यमंत्री की घोषणा का यह हाल है। खरखौदा में रेलवे लाइन के पास जमीन का अधिग्रहण कर काम शुरू हुआ, लेकिन फंड की कमी आड़े आ रही है। नौ करोड़ के बजट में से पहली किस्त 50 लाख की मिलकर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। चारदीवारी और रास्ते का काम अभी हुआ है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. जसवंत सिंह नेगी का कहना है कि शासन को बजट जारी करने के लिए पत्र लिखा है। पैसा नहीं होने की वजह से काम आगे नहीं बढ़ रहा। उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम भवन बना रही है। नए सत्र से कॉलेज शुरू करने की योजना है। गौरतलब है जिले में यह दूसरा राजकीय गर्ल्स कॉलेज होगा। पहला शहीद मंगल पांडे राजकीय कॉलेज है।