कंकरखेड़ा/मवाना। शहर और देहात में मंगलवार को दो ऐसे मामले हुए, जिसमें तीन लोगों के अपहरण का शोर मच गया। एसएसपी ने इसकी जांच कराई तो पता चला कि गाजियाबाद और मेरठ की क्राइम ब्रांच इन्हें बदमाशों की तरह उठाकर ले गई थी।
कंकरखेड़ा में फाजलपुर निवासी ब्रजमोहन के दोनों पुत्र की रोहटा रोड पर एसके डेयरी है। सुबह करीब 11 बजे दोनों भाई डेयरी पर बैठे थे। इसी बीच बोलेरो सवार आधा दर्जन लोग डेयरी पर पहुंचे। इनमें दो पुलिस की वर्दी में थे। आते ही उन्होंने दोनोें को जबरन गाड़ी में डाल लिया। दोनों भाइयों ने शोर मचाया तो व्यापारी जमा हो गए। बोलेरो सवार लोगों ने हथियार लहराते हुए भीड़ को पीछे कर दिया। व्यापारियों ने इसकी सूचना पहले थाने पर और फिर एसएसपी को दी। काफी देर तक जानकारी नहीं मिलने पर रोहटा रोड पर व्यापारियों ने जाम लगा दिया। सूचना पर कंकरखेड़ा और टीपीनगर पुलिस भी पहुंच गई। एसएसपी के अनुसार जानकारी करने पर बताया गया कि दोनों भाइयों को गाजियाबाद कोतवाली पुलिस उठाकर ले गई है। साथ ही दोनों भाइयों की परिजनों से मोबाइल पर बात भी कराई गई। गाजियाबाद कोतवाली पुलिस ने बताया गाजियाबाद के एक सर्राफ को धमकी दी गई है। जांच में पता चला कि धमकी देने वाला सिम डेयरी संचालक के नाम से है।
उधर, मवाना में मंगलवार शाम फलावदा चौराहे के सामने रहने वाले ठाकुर अखिलेश पुत्र वेदपाल को थाने से कुछ दूरी पहले चार पांच युवकों ने जबरन इंडिका कार में डाल लिया और मेरठ की ओर ले गए। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो युवकों ने खुद को एसटीएफ का बताया और चले गए। इस बीच, पूरे नगर में युवक के अपहरण की सूचना फैल गई। आनन-फानन में परिजन थाने पहुंचे और अखिलेश के अपहरण की तहरीर दी। इस पर पुलिस ने वायरलेस से सूचना फ्लैश की। देर रात बताया गया कि युवक को एसटीएफ मेरठ बदायूं में लैपटॉप लूट के मामले में पूछताछ के लिए ले गई थी।