मेरठ। एक अप्रैल से बड़ी संपत्तियों की खरीद फरोख्त महंगी हो जाएगी। संपत्ति की राजकीय कोष राशि नियमावली में परिवर्तन हुआ है। इसके चलते 50 लाख से ऊपर की संपत्ति पर अब एक फीसदी धनराशि जमा करनी होगी।
भवन या भूमि की खरीद में अब तक पांच लाख या इससे ऊपर की संपत्ति खरीदने पर 10,000 रुपये राजकीय कोषागार में जमा कराए जाते थे, जबकि पांच लाख से नीचे के संपत्ति पर उसकी कुल कीमत का दो प्रतिशत वसूला जाता था। अब शासन ने इसमें बदलाव किया है। एक अप्रैल से 50 लाख से नीचे संपत्ति पर तो पहले की तरह राजस्व वसूली होगी। इससे ऊपर की संपत्ति खरीदने वालों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अब तक पचास लाख या इससे ऊपर की संपत्ति खरीदने वालों को मात्र दस हजार रुपये ही राजकीय कोषागार में जमा किया जाता था। उन्हें अब एक प्रतिशत देना होगा, अर्थात अब पचास लाख की संपत्ति पर पचास हजार रुपये सरकारी कोषागार में जमा होगा।
इस नये आदेश के कारण इन दिनों निबंधन विभाग में बड़ी रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ लगी है। जिनमें बिल्डरों की संख्या ज्यादा है। निबंधन विभाग ने भी इसे देखते हुए होली के बाद 29 मार्च को गुड फ्राइडे और 31 मार्च को रविवार अवकाश में भी कार्यालय खोलने का फैसला किया है।