मेरठ। एक और प्रेम कहानी खून से तरबतर कर दी गई। प्रेम विवाह रचाने वाली मोनिका की हत्या से एक बार फिर साफ हो गया है कि मेरठ आनर किलिंग की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए अदालत ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, मगर फिर भी झूठी शान के नाम पर प्रेमियों का कत्लोगारत करने की वारदातें जिले में लगातार बढ़ रही हैं।
शुक्रवार को इंचौली क्षेत्र के गांव कसेरू बक्सर में मोनिका की गला घोंटकर हत्या की गई। इस बार प्रेमिका की हत्या पिता ने नहीं, बल्कि ताऊ के लड़के अरुण ने की है। प्रेमिका मोनिका और प्रेमी मोनू उर्फ ब्रजमोहन एक ही बिरादरी (एससी) से ताल्लुक रखते हैं। दोनों ने अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया, लेकिन परिजनों ने इस शादी को सहमति नहीं दी। दस दिन पहले परिजन मोनिका को बहसूमा से बरामद करके तो ले आए, मगर फिर भी मोनिका अपने प्रेमी के पास जाने की जिद पर अड़ी रही।
गौरतलब है कि जिले में इससे पहले भी आनर किलिंग की कई वारदातें सामने आ चुकी हैं। दो माह पहले कसेरू बक्सर में बेटी की हत्या की गई थी।
छह माह पहले नंगला शेखू गांव में बेटी की गर्दन काटकर हत्या की गई थी। वारदातों में भी आरोपियों ने खुद ही थाने पहुंचकर आनर किलिंग करना कबूल किया था। वहीं, शास्त्रीनगर में दस जनवरी को इंजीनियर भीम सिंह ने शान की खातिर बेटी प्रीति की हत्या की थी।
मोनिका की मौत पर परिजनों को नहीं गम
मेरठ। कसेरू बक्सर में मोनिका की मौत पर परिवार वालों को गम नहीं है। जब आरोपी अरुण को साथ लेकर इंचौली थाना पुलिस परिजनों के पास पहुंची, तो उन्होंने कह दिया कि जो हुआ, उसका कोई पछतावा नहीं है। वहीं, यह भी मालूम चला कि आरोपी अरुण की मां का आठ दिन पहले स्वर्गवास हो गया था। इसके बाद से अरुण अपने चाचा राकेश के पास रहता था। राकेश की बेटी मोनिका के प्रेम विवाह को लेकर परिवार में आए दिन विवाद होता था।