मेरठ। विक्टोरिया पार्क अग्निकांड मामले में राज्य सरकार मुआवजे की राशि का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा आयोजकों पर डालने की कोशिश कर रही है। राज्य सरकार जिस तरह से विक्टोरिया पार्क ग्राउंड मामले में स्वामित्व को लेकर जानकारी जुटा रही है, उससे तो यही लग रहा है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट में होना है। सुनवाई मंगलवार को है।
राज्य सरकार के वकील अनुुव्रत शर्मा ने प्रशासन से आठ बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। प्रशासनिक अधिकारी सोमवार देर रात तक जवाब जुटाने में लगे रहे। राज्य सरकार उपहार कांड की तर्ज पर ही मुआवजा देने का शपथ पत्र सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। मगर विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत समिति मुआवजे की राशि राज्य सरकार से ही दिलाने की मांग कर रही है। आहत समिति का कहना है कि उपहार सिनेमा अंसल की भूमि पर ही बना था। इसलिए वहां कोई दिक्कत नहीं आई। मगर यहां मामला अलग है। विक्टोरिया पार्क सरकार की संपत्ति है। इसलिए मुआवजा सरकार को देना चाहिए। समिति का यह भी तर्क है कि आयोजकों के पास कोई संपत्ति नहीं है।
लीज पर है विक्टोरिया पार्क ग्राउंड
मेरठ कॉलेज ने भी जिलाधिकारी के पास स्वामित्व को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे दिया है। दरअसल, विक्टोरिया पार्क नगर निगम की जमीन है। जिसे लीज पर मेरठ कॉलेज को दिया गया है। हरेक 35 साल बाद इसका रिन्यूअल होता है। मेरठ कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि लीज की कॉपी जिला प्रशासन को दे दी गई है।
अनुमति की नियमावली नहीं मिली
वकील ने ग्राउंड के स्वामित्व के अलावा परमिशन की नियमावली, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी, आयोजकों और टेंट ठेकेदार नरेश गर्ग के बारे में भी जानकारी मांगी है। परमिशन की नियमावली नहीं होने के कारण केवल परमिशन की कॉपी भेजी गई है। एडीएम सिटी आरके सिंह ने बताया कि अन्य जरूरी जानकारी भेजी जा रही है।