परतापुर। परतापुर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार करके लूट के एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह का नाम सोनू-मोनू है। आरोपियों ने 40 से अधिक लूट की वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। एसपी सिटी ने रविवार को प्रेसवार्ता कर आरोपियों को पेश किया।
शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर एसपी सिटी और परतापुर पुलिस ने शताब्दीनगर 4 सी में छापा मारक र नितिन उर्फ राहुल निवासी सकौती, नितिन राठी निवासी झिंझाना दोघट, गौरव निवासी सुनारों वाली गली ब्रह्मपुरी, धीरज निवासी स्याना बुलंदशहर, सजल श्रीवास्तव और यश पुत्र राजकिशोर निवासी पूर्वा ईरान कोतवाली को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक पिस्टल, चार तमंचे, दो लूट की बाइक, पांच मोबाइल और सात हजार रुपये बरामद किए। गिरोह का सरगना हरियाणा जेल में बंद हैं। आरोपियों ने हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मुजफ्फरनगर, मेरठ में 40 से अधिक लूट करना कबूल किया है। प्रेसवार्ता में पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने मोहिददीनपुर पुलिस चौकी के पास से सिपाही की बाइक व गंगानगर में दो दिन पूर्व ही हीरालाल अवस्थी के घर डाका डालना स्वीकार किया है।
एसओ पर पिस्टल तानी
पुलिस ने सूचना पर जब छापा मारा, तो नितिन उर्फ राहुल ने एसओ की कनपटी पर पिस्टल तान दी। एक सिपाही ने नितिन को पकड़ लिया। एसओ ने बताया कि इस गिरोह के सभी सदस्य शातिर हैं। शताब्दीनगर के एक मैदान में लूट, डकैती की वारदात करने से पहले रिहर्सल करते हैं।
प्रेमिका का खर्च पूरा करते थे
आरोपियों ने बताया कि प्रेमिका का खर्चा उठाने के लिए ही वो लूट करते हैं। लूटे रुपयों से वो प्रेमिका संग होटल में मौजमस्ती करते थे। आरोपियों में तीन छात्र हैं।
गिरोह में दो महिलाएं भी
एसपी सिटी ने बताया कि इस गिरोह का नाम सोनू-मोनू था। गिरोह में दो महिलाओं समेत और भी कई लोग हैं।
माल क्यों नहीं हुआ बरामद ?
पुलिस ने प्रेसवार्ता में आरोपियों से लूट कबूल करवा ली लेकिन किसी लूट का माल नहीं बरामद कर सकी।