मेरठ। सिवाया टोल प्लाजा पर लोगों को सुविधा कम और मौत ज्यादा मिल रही है। लाइट खराब, सड़क पर गढडे, टूटी रेलिंग होने से दो माह में 20 लोगों मौत के शिकार हो चुके, बावजूद कोई बोलने को तैयार नहीं। सोमवार देर रात हादसे को देख लोगों की रूह कांप गई।
दिल्ली-देहरादून हाइवे स्थित सिवाया टोल लोगों का काल बनता जा रहा है। भाकियू का धरना सप्ताह होते ही टोल पर हादसे का ग्राफ बढ़ गया। गत शुक्रवार को मुजफ्फरनगर से दिल्ली की ओर जाने वाली एक वरना कार असंतुलन होकर रेलिंग तोड़कर पुल से नीचे गिर गई थी। जिसमें एक युवक की मौत हुई थी। रविवार को एक रोडवेज बस ने भैंसा बुग्गी को टक्कर मारी थी, जिसमें भैंसे क ी मौत और चालक घायल हो गया था। इससे पहले टोल पर खडे़ एक ट्रक में पीछे से जिप्सी घुसने से पांच लोगों की मौत हुई थी।
सोमवार को सड़क में गढ़डे से कार का पहिया गिरने से असंतुलन होकर बाइक से टकराई और टूटी रेलिंग से टकराकर पुल से गिरी। हादसे में महिला समेत दो लोगों की मौत और सात लोगों को घायल हो गए। मौत का मंजर देख वहां से गुजरने वाले लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
लोगों ने बताया कि टोल को वसूली देने के बदले में लोगों को वहां मौत मिल रही है। टोल पर लाइट खराब होना, पुल पर बनी सड़कों का टूटना और टूटी रेलिंग हादसे को बुलावा देती है। लोगों के शिकायत करने पर पुलिस प्रशासन का इसके प्रति कोई ध्यान नहीं है।