मेरठ। शादी अनुदान योजना का लाभ पाना आसान नहीं है। गरीब अल्पसंख्यक परिवारों की लड़कियों के लिए लाई गई इस योजना में पात्र को मात्र दस हजार रुपये मिलते हैं, पर खानापूर्ति इतनी होती है कि आवेदक पहले ही पस्त हो जाते हैं।
चालू वित्त वर्ष में अब तक करीब 600 आवेदकों ने फार्म भरकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में जमा कराया है। इसके लिए हर आवेदक को जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के साथ राशन कार्ड की भी छाया प्रति संलग्न करनी होती है। इन प्रमाण पत्रों को बनवाने में आवेदकों की जेब तो ढीली होती ही है, दफ्तरों के चक्कर लगाने में समय की बर्बादी करनी पड़ती है। इसके बाद भी जरूरी नहीं कि उन्हें योजना का लाभ मिल ही जाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसएन पांडे के मुताबिक जांच के बाद 600 से कुल 210 आवेदक ही पात्र की श्रेणी में पाए गए।
इतना ही नहीं, योजना का लाभ पाने से पहले बैंक में खाता खुलवाना होता है। आवेदकों को इसके लिए भी पापर बेलने पड़ते हैं। यह भी चर्चा है कि योजना का लाभ लेने के लिए कुछ लोग दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं और दस हजार रुपये पाने से पहले ही दलाल उनसे कर दो हजार रुपये एेंठ लेता हैैैै। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के मुताबिक इस वर्ष 128 आवेदकों को 12 लाख 80 हजार रुपयों का वितरण किया जा चुका है। शेष 72 को शासन से धन प्राप्त होने पर अनुदान राशि के चेक दिए जाएंगे। इन आवेदकों में मो. अली श्यामनगर, अब्दुल रहीम शकूर नगर, मो. साबिर अब्दुल्लापुर व जैदी फार्म की नवाब बानो आदि हैं, जो अब भी जिला अल्पसंख्यक कल्याण दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं।