मेरठ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की सीरिंज कबाड़ी के यहां मिलने का मामला गहराता जा रहा है। शुक्रवार को पुलिस और सरकारी जांच में पुष्टि हो गई कि डेढ़ लाख सीरिंज एडी मेरठ के स्टोर से मुरादाबाद के लिए लोड हुईं। कबाड़ी तक कैसे पहुंचीं, इसका पता अभिलेखों और स्टोर की जांच के बाद ही चलेगा।
साढ़े सात लाख रुपये की सीरिंज कबाड़ी को बेचने में मेरठ से लेकर मुरादाबाद तक खेल हुआ। एडी हेल्थ ने शुक्रवार को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति में एसीएमओ डॉ. हीरागोपाल सिंह, जेडी एचएस धानु, जेडी डॉ. किरन मलिक शामिल हैं। वहीं औषधि निरीक्षक संदीप भी दिन में लेखों की जांच और पूछताछ के लिए एडी कार्यालय पहुंचे। स्टोर कीपर नदारद मिलने से जांच नहीं हो पाई। जांच समिति शुक्रवार शाम सात बजे तक लेखे खंगालती रही। बैच नंबर की जांच में पुख्ता हो गया कि सीरिंज मुरादाबाद जानी थी और मेरठ से लोड हुई थीं। दिन में सीरिंज से भरा ट्रक कार्यालय में ही खड़ा रहा। वहीं मुरादाबाद के लिए कुछ सीरिंज लोड भी हुई हैं। मामले में मुरादाबाद के लेखों और स्टॉक की जांच भी जरूरी है, जो शासन के आदेश पर ही संभव है। एडी ने शुक्रवार को ही स्टोर प्रभारी जेडी डॉ. पीके जैन का चार्ज जेडी डॉ. सुखबीर सिंह को और स्टोर कीपर अनिल का चार्ज जयभगवान को दे दिया है।
निर्माता कंपनी पर भी शक
कर्मचारियों के साथ सीरिंज निर्माता कंपनी पर भी मिलीभगत का शक गहरा रहा है। ड्रग इंस्ट्रक्टर की टीम आज फरीदाबाद में हिंदुस्तान सीरिंज मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के दस्तावेजों की जांच के लिए जाएगी। साथ ही सप्लाई भी जांची जाएगी।
वर्जन
- जांच समिति को हफ्तेभर में जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। रिकार्ड बुक और कागजात सीज कर दिए हैं। जांच चलने तक इमरजेंसी में ही स्टोर से सप्लाई होगी।
- डॉ. एके खरे, एडी मेरठ
- एडी कार्यालय से केवल जिलों की मांग को अनुमति दी जाती है। यहां से सीरिंज वितरण नहीं होता। जिले खुद माल उठाते और लोड कराते हैं।
- डॉ. महावीर सिंह एडी मुरादाबाद
- टीम एडी कार्यालय में जांच को गई थी। स्टॉक और रिकार्ड की जांच में साबित हो गया है कि माल मेरठ का है। स्टोर कीपर मौके पर नहीं मिला, उससे पूछताछ बाकी है।
- संदीप, ड्रग इंस्ट्रक्टर
सीरिंज प्रकरण की जांच करने मेडिकल पहुंची पुलिस
मेरठ। कबाड़ी के यहां से मिली सीरिंजों की खेप पकड़ने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। शुक्रवार को ब्रह्मपुरी थाना पुलिस इस सिलसिले में मेडिकल कॉलेज पहुंची। दरअसल, पुलिस मालूम कर रही है कि सीरिंज की खेप मेडिकल से निकलवाने वाला शख्स कौन है? गौरतलब है कि ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने भगवतपुरा से कबाड़ी के यहां से मिनी ट्रक में भरी सीरिजों की खेप पकड़ी थी। मिनी ट्रक चालक सहित तीन आरोपी भी गिरफ्तार किए थे, लेकिन सीरिंजो की सप्लाई का मास्टर माइंड पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। एसओ ब्रह्मपुरी का कहना है कि मामले के विवेचक टीम के साथ मेडिकल कॉलेज गए थे। इसके अलावा फरार मास्टर माइंड जाहिद को भी तलाश किया जा रहा है।
मुरादाबाद की मांग पर उठे सवाल
मुरादाबाद मंडल से की गई सीरिंज की मांग पर सवाल खड़े हो गए हैं। एडी कार्यालय के लेखों के अनुसार मुरादाबाद ने पिछले दिनों 10 लाख सीरिंज की मांग की थी, इसमें से 30 अक्तूबर को केवल 7.20 लाख सीरिंज उठाई गईं। पिछली मांग की सीरिंज पूरी उठाने से पहले ही मुरादाबाद डिपो से 5 नवंबर को 5 लाख सीरिंज की मांग और आई। तब भी एक लाख सीरिंज ही लोड हुईं। पिछली मांग की पूरी सीरिंज लेने से पहले ही नई मांग क्यों की गई। वर्तमान में मेरठ डिपो पर मुरादाबाद डिपो की 6.80 लाख सीरिंज स्टॉक में हैं, जो मांग के बाद नहीं ली गई हैं।