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कैफ और भुवनेश्वर पर दारोमदार

Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
Meerut
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यूपी की जीत का दारोमदार अब कैफ और भुवनेश्वर के कंधों पर है। दोनों को तेजी से रन बनाकर कर्नाटक को बड़ा लक्ष्य देना होगा। कप्तान सुरेश रैना, अमीर खान, मुकुल डागर ने जल्दी विकेट गंवाकर टीम को बैकफुट पर ला दिया है। पहली पारी में शतकीय पारी खेलने वाले मोहम्मद कैफ पर फिर सबकी निगाहें हैं। हालांकि पीयूष चावला, आरिश आलम, परविंदर सिंह भी बल्ले से बढ़िया कर सकते हैं। जानकार मानते हैं कि कर्नाटक को 250 से 300 के बीच लक्ष्य दिया जाए, तो गेंदबाजों की मददगार इस पिच पर यूपी की जीत की संभावना अधिक होगी।
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भुवनेश्वर को टीम इंडिया में देखना चाहती हैं मां
भुवनेश्वर की मां इंद्रेश भी भामाशाह पार्क में बेटे की दमदार गेंदबाजी की गवाह बनीं। इंद्रेश का कहना था कि मैं अपने बेटे को टीम इंडिया में बतौर ऑलराउंडर खेलते देखना चाहती हूं। भुवनेश्वर को न तो टीवी देखना पसंद है और न ही मोबाइल पर बात करना। वह बस क्रिकेट की धुन में रहता है। उसकी बहन रेखा ने ही उसे क्रिकेटर बनाने की ठानी। रेखा ने हमेशा उसके क्रिकेट कॅरियर में मदद की।
अब अच्छी बल्लेबाजी की जरूरत : भुवनेश्वर
भुवनेश्वर ने कहा कि मैंने लाइन लेंथ के साथ बॉलिंग करने की कोशिश की। सपोर्टिव माहौल का भी फायदा मुझे मिला। अब मैच जीतने के लिए हमें अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी।
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कर्नाटक के विकेटकीपर घायल
कर्नाटक के विकेटकीपर सीएम गौतम स्पिनर केपी अपन्ना की एक बाउंसी गेंद पर चोटिल हो गए। केपी अपन्ना की गेंद गौतम की नाक के दाहिने हिस्से से टकराई और खून निकलने लगा। गौतम को मैदान से बाहर ले जाकर उपचार कराया गया।

34 रन के भीतर गंवाए छह विकेट
कर्नाटक ने चार विकेट पर 147 रन बना लिए थे। अगले 34 रन के भीतर ही बाकी के छह विकेट गिर गए।

रैना का ग्लैमर दिखा
मैदान पर रैना के प्रति बच्चों की दीवानगी देखने को मिली। दोपहर बाद फील्डिंग कर रहे रैना का ऑटोग्राफ लेने के लिए एक के बाद एक कई बच्चे मैदान में प्रवेश कर गए। ओवर खत्म होते ही कोई न कोई बच्चा मैदान की ओर दौड़ता दिखाई देता। रैना ने उन्हें निराश नहीं किया, सभी को ऑटोग्राफ दिया। दर्शकदीर्घा से अपने नाम की गूंज होने पर हाथ हिलाकर अभिवादन भी किया। इस दौरान पुलिस ने किसी बच्चे को कॉलर से पकड़ा, तो किसी से कान पकड़वाए। हर बार रैना बच्चों का बचाव करते दिखे।

वर्जन
- भुवनेश्वर टीम का सबसे उम्दा ऑलराउंडर है। उसने टीम की जरूरत पर बल्ले से ही नहीं, गेंद से भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। मैं यकीन से कह सकता हूं कि वो दिन दूर नहीं, जब हम उसे टीम इंडिया के लिए खेलते देखेंगे। - वेंकटेश प्रसाद, कोच यूपी
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