मेरठ। किसानों की जमीन पर लोन लेना नंगलामल शुगर मिल प्रबंधन को भारी पड़ने लगा है। सोमवार को पीड़ित किसानों ने कमिश्नर से मामले की शिकायत की और ज्ञापन सौंपकर मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग की। कमिश्नर ने मामले की जांच के लिए डीएम को पत्र लिखा है। उधर इस मामले में एक किसान ने मुंडाली थाने में तहरीर दी है।
नंगलामल चीनी मिल द्वारा क्षेत्र के कई गांवों के किसानों की जमीन पंजाब नेशनल बैंक की किठौर शाखा में गिरवी रखकर करीब 25 करोड़ रुपये का लोन लेने का मुद्दा गरमाया हुआ है। सोमवार को नंगलामल, सिसौली, खासपुर, मुंडाली, भगवानपुर, भटीपुरा, समयपुर, रछौती, अमरपुर सहित कई गांवों के सैकड़ों किसान रालोद नेता डा. राजकुमार सांगवान के नेतृत्व में कमिश्नर आवास पहुंचे। डा. सांगवान ने बताया कि नंगलामल मिल ने बैंक अधिकारियों से सांठगांठ करके किसानों की जमीन पर 25 करोड़ रुपये का लोन ले लिया है। किसानों को इसका तब पता लगा जब बैंक की तरफ से गए नोटिस मिले।
किसानों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने, लोन संबंधी समस्त दस्तावेज कब्जे में लेने और मिल एवं बैंक अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। कमिश्नर एमके नारायण ने किसानों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मामले की जांच के लिए डीएम को पत्र लिखा है। कमिश्नर को ज्ञापन देने वालों में सिसौली के मुकेश कुमार, कृष्णपाल, ओमपाल, अनंगपाल, नंगलामल के ओमवीर सिंह, ऋषिपाल, विपिन, जयवीर, वीरेंद्र, खासपुर के सत्यपाल, बसंता, मूले सहित अनेक किसान शामिल रहे।
वहीं कांग्रेस ने इस मामले में कमिश्नर से नंगलामल चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। कांग्रेस नेता ठाकुर अनिल तोमर के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल मेें ओमवीर सिंह, कृष्णपाल, विपिन कुमार और नेपाल सिंह शामिल रहे।
उधर गांव नंगलामल निवासी जयवीर सिंह पुत्र हुकुम सिंह ने शुगर मिल के जीएम और पंजाब नेशनल बैंक की किठौर शाखा के प्रबंधक पर सांठगांठ कर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। एसओ ओमवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
मृतक को दे दिया 188000 का लोन
मेरठ। लोन मामले में किस हद तक फर्जीवाड़ा हुआ है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बैंक ने मृतक रतन प्रजापति पुत्र बलवंत निवासी गांव मुंडाली को भी 1 लाख 88 हजार रुपये का लोन दे दिया। गांव वालों का कहना है कि रतन प्रजापति की छह साल पहले मौत हो चुकी है।
उप गन्ना आयुक्त ने भी लिया संज्ञान
उप गन्ना आयुक्त डा. वीबी सिंह ने भी फर्जीवाडा करके किसानों की जमीन पर लोन लेने पर नंगलामल चीनी मिल प्रबंधन से जवाब मांगा है। डा. सिंह ने बताया कि मिल के गलत तरीके से लोन लेने का मामला संज्ञान में आया है।
20 हजार देकर वापस ले रहे नोटिस!
मामले की गूंज कमिश्नर तक पहुंचने पर मिल और बैंक प्रबंधन बैकफुट पर आ गए हैं। किसानों से दिए गए नोटिस वापस लिए जा रहे हैं। किसानों ने बताया कि जिन किसानों ने नोटिस देने से मना किया तो उन्हें 20 हजार रुपये देने का भी आफर दिया गया है।