मेरठ। अवैध निर्माण के खिलाफ मेरठ विकास प्राधिकरण दस्ते ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। फोर्स के साथ चले अभियान में दस भवन, आठ दुकानें समेत एक चार मंजिला व्यावसायिक कॉम्पलेक्स सील किया गया। लोहिया नगर में टीम का तीखा विरोध हुआ। नोकझोंक के बीच कार्रवाई की गई। वापस जाते वक्त टीम का बाइक सवार लोगों ने पीछा भी किया।
एमडीए सचिव जंग बहादुर यादव के निर्देश पर नोडल अधिकारी मनोज मिश्रा और अवर अभियंता कुमदेश शर्मा के नेतृत्व में अभियंताओं की टीम अवैध निर्माण के विरुद्घ कार्रवाई के लिए निकली। लोहिया नगर स्थित बुद्धा एनक्लेव में फयमुद्दीन का निर्माण सील किया गया। यहां प्राधिकरण के भूखंड में बिना नक्शे के निर्माण किया जा रहा था। लोहिया नगर स्थित आवासीय भूखंड संख्या एल 244 में बिना सेटबैक छोड़े जहीरुद्दीन ने आठ दुकानें बना दी थीं। नोडल अधिकारी मनोज मिश्रा ने बताया कि यहां नक्शा आवासीय रूप में स्वीकृत था, जबकि मौके पर किया निर्माण व्यावसायिक था। उनके मुताबिक मौके पर जहीरुद्दीन पक्ष की ओर से एकत्र तमाम लोगों ने टीम का जबरदस्त विरोध किया। कार्रवाई पूरी होने के बाद बाइक सवार लोगों ने टीम का पीछा भी किया।
लावड़ रोड स्थित इंद्रप्रस्थ एस्टेट पीएसी के सामने संजीव रस्तोगी द्वारा निर्मित कराए भवन संख्या ए-101, ए 101/1, ए 106, ए 119, ए 120 को सील किया गया। टीम ने बताया कि यहां नक्शे के विपरीत और खराब गुणवत्ता का निर्माण किया गया है।
इसके बाद रक्षापुरम सेक्टर एक में संजय कुमार द्वारा बनवाए गए चार मंजिला व्यावसायिक कॉम्पलेक्स सी-6 को सील किया गया। मनोज मिश्रा ने बताया कि यहां एक हजार वर्ग मीटर में बनाए गए कॉम्पलेक्स में नक्शे से ज्यादा निर्माण किया गया है।
मवाना रोड स्थित कसेरुखेड़ा में प्राधिकरण की भूमि खसरा नंबर 252 पर अवैध रूप से किए निर्माण को सील कर दिया गया। जागृति विहार के पीछे कीर्तिनगर स्थित बी-6 में एनएस चौहान ने तीसरे मंजिल की छत पर बिना अनुमति अवैध रूप से टावर लगा रखा था, इसे भी सील कर दिया गया। टीम में गिरजाशंकर मल, निहाल सिंह, पीके गुप्ता, रामरूप चौहान, राजन सिंह, अवनीश मित्तल, सतेंद्र यादव, पंकज जैन आदि मौजूद रहे।