मेरठ,वेस्टर्न यूपी टोल वे लिमिटेड ने टोल की दरों में संशोधन करने से इंकार कर दिया है। डीएम को लिखे पत्र में टोल कंपनी ने प्रशासन पर अपरोक्ष रूप से किसानों की मदद करने का आरोप लगाया है। कंपनी के एजीएम जीबी रंगासाई ने कहा है कि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक प्रदेश सरकार और एनएचएआई से नुकसान की भरपाई करने को कहा है। उधर, सूत्रों के अनुसार टोल कंपनी के पत्र के बाद प्रशासन धरने के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
किसानों द्वारा टोल फ्री करने के बाद टोल कंपनी ने दौराला थाने में दो बार तहरीर दी। एफआईआर दर्ज करने से मना करने पर रंगासाई ने प्रशासन को पत्र लिखा है। इसमें 1956 कंपनी एक्ट के तहत प्रदेश सरकार, एनएचएआई और वेस्टर्न यूपी टोल वे लिमिटेड के बीच हुए अनुबंध का हवाला दिया गया है। कंपनी ने कहा है कि भाकियू ने 31 अक्तूबर को टोल वसूली ठप कर दी, तोड़फोड़ की और कंपनी कर्मचारियों को डराया। इसकी सूचना प्रशासन को समय से दी गई। मगर 24 घंटे तक कोई मदद नहीं मिली। इस तरह प्रशासन अप्रत्यक्ष रूप से प्रशासन की मदद कर रहा है। टोल की दरें गजट अधिसूचना के बाद लागू की गई है, इसमें कोई संशोधन गजट अधिसूचना के बाद ही हो सकता है।
उधर, टोल कंपनी के पत्र के बाद प्रशासन सख्त कदम उठाने पर विचार कर रहा है। लोकल टोल की मांग पर अड़ने के बाद प्रशासन कोई समाधान नहीं निकाल पा रहा है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की चिंता भी प्रशासन को सता रही है। सूत्रों के अनुसार ऐसे में प्रशासन के पास जबरदस्ती धरना समाप्त कराने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
वार्ता हुई है। किसानों के सामने सोमवार को प्रस्ताव रखा जाएगा कि भाकियू चाहे तो एक कमेटी लोकल टोल के संबंध में एनएचएआई चेयरमैन से बात करने जाएगी। प्रशासन अपनी ओर से पहल करके बातचीत की कोशिश करेगा। इसमें कोई फैसला होने की उम्मीद है।
- दीपचंद्र, एडीएम ई
जो भी बात होगी, पंचायत में होगी। हम अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। जब तक बात नहीं मानी जाएगी, हम धरने पर बैठे रहेंगे।
- राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भाकियू।
मुआवजा मिले बगैर नहीं हटने का ऐलान
मेरठ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के खिलाफ किसानों के दिल में धधक रही विरोध की ज्वाला ने टोल प्लाजा पर जारी आंदोलन को नई धार दे दी है। भाकियू के मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने मुआवजा राशि का भुगतान मिले बगैर मौके से नहीं हटने का ऐलान कर दिया है।
मेरठ से मुजफ्फरनगर के रास्ते में खतौली के अंदर दाखिल हुए बगैर सफर पूरा करने के लिए दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 12 किलोमीटर लंबाई में बाईपास बनाया गया है। इसमें भैंसी, फूलत समेत कुछ अन्य गांवों की जमीन ली गई थीं, लेकिन मुआवजा भुगतान का विवाद आज भी कायम है। करीब दो वर्ष पहले भी भैंसी के किसानों ने मेरठ में सिवाया गांव स्थित टोल प्लाजा पर जमकर तोड़फोड़ की थी। एनएचएआई के चार अधिकारियों को बंधक बनाकर मेरठ से खतौली ले जाए जाने पर दोनों जनपदों की प्रशासनिक मशीनरी में हड़कंप मच गया था। अब मेरठ-मुजफ्फरनगर के लोगों के लिए लोकल टोल लागू करने समेत कुछ अन्य मांगों को लेकर खतौली क्षेत्र के किसान भी टोल प्लाजा पर डेरा जमाए बैठे हैं। पूर्व में चले आंदोलन की कमान संभालने वाले किसान नेता राजू अहलावत ने बताया कि खतौली बाईपास से प्रभावित किसानों का 50 करोड़ रुपये मुआवजा भुगतान मिलना शेष है। जबकि कनेक्टिविटी की मांग भी पूरी नहीं की गई है। इन मांगों के पूरा हुए बगैर टोल प्लाजा से नहीं हटेंगे। उधर, छात्र नेता विक्रांत मलिक के नेतृत्व में टोल प्लाजा पर पहुंचे एक प्रतिनिधिमंडल ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
संसद में गूंजेगा टोल टैक्स मुद्दा
मेरठ। रालोद से बिजनौर सांसद संजय सिंह चौहान ने कहा कि मेरठ हाईवे पर अनुचित तरीके से हो रही टोल टैक्स वसूली का मुद्दा शीतकालीन सत्र में संसद में गूंजेगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को पत्र लिखा था। रालोद किसानों के हर मुद्दे के साथ है। यूपी में गन्ना मिलों की मनमानी और बिजली संकट समेत 14 सूत्रीय मांगों को लेकर रालोद मुख्यमंत्री का घेराव भी करेगी।
रविवार को सर्किट हाउस के एनेक्सी में प्रेसवार्ता करते हुए सांसद संजय सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को गन्ना उचित मूल्य नहीं दे रही है और अब तक मिलों ने गन्ना लेना भी नहीं शुरू किया। मिल मालिक अपनी मनमानी चला रहे हैं। गांवों में बिजली संकट बढ़ता जा रहा है और गांव में चार से पांच घंटे ही बिजली मिल रही है। सभी छात्राओं को कन्या विद्या धन देने, टोल प्लाजा पर किसानों के धरने का हल निकालने, खाद्य की कालाबाजारी पर रोक लगाने समेत 14 सूत्रीय मांगों को पूरा किया जाए। सांसद ने कहा कि अगर नौ नवंबर तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो रालोद दस नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का घेराव करेगी। इस दौरान महासचिव राजेंद्र चिकारा, जिलाध्यक्ष यशवीर सिंह, राजवीर राणा, नरेंद्र खजूरी, विनय मल्लापुर, सुखबीर सिंह, राम भर गुर्जर, भोपाल गुर्जर, गजेंद्र मलिक, संदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।
‘संसद में उठाएंगे टोल का मुद्दा’
मोदीपुरम। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने लेवी समाप्त करने की तैयारियां पूरी कर ली है। ऐसा हुआ तो यह किसानों को बर्बाद करने का काम होगा। किसान बाजार के आधीन हो जाएगा। भाजपा नेता सुनील भराला के पल्लवटावर स्थित जनसंपर्क कार्यालय पर वार्ता के दौरान सांसद ने टोल प्लाजा पर चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि सड़कों को अधूरा छोड़ दिया गया है। ब्रिज नहीं बनाए गए हैं और मनमाना टोल वसूला जा रहा है। उन्होंने टोल का मामला संसद में उठाने की बात भी कही।
‘रात में सिग्नल ग्रीन कर रहे टोल वाले’
मोदीपुरम। टोल पर भाकियू का कब्जा है, लेकिन टोल प्लाजा स्थित दफ्तर में टोल कर्मी मौजूद हैं। भाकियू ने आरोप लगाया है कि रात के समय टोल कर्मी यहां सिग्नल हरा कर देते हैं, जबकि तीन लेन पर किसान जमीन पर सो रहे हैं। ऐसे में यहां वाहनों से बड़ा हादसा हो सकता है। रविवार को धरने के पांचवें दिन टोल प्लाजा से वाहन फ्री में ही गुजरे। रविवार होने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहनों की संख्या अधिक रही। वहीं डा. रोहित सिंह भी धरना स्थल पर पहुंचे और बीमार किसानों को दवाइयां दीं।
आंदोलन को समर्थन
जितेंद्र सिरोही, मंजीत, दवा व्यवसायी नेहा त्यागी, छात्रनेता अमित सोम, चौधरी जय सिंह अहलावत, मांगेराम सरपंच, सत्यवीर सिंह, चौधरी दिलीप सिंह, चौधरी सुरेंद्र टिकैत, चौधरी विजय तालियान, चौधरी महकार सिंह, कमल गुप्ता आदि ने किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।