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तब तक पीटा गया, जब तक दम नहीं तोड़ दिया

Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
Meerut
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सरधना। कपसाढ़ में हुई हरिओम की हत्या से खूनी संघर्ष का खेल फिर शुरू होने की आशंका है। हरिओम का खेत से ही अपहरण किया गया और फिर उसे तब तक पीटा गया, जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। हरिओम के गले और शरीर पर अनगिनत चोटों के निशान मिले हैं।
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कपसाढ़ निवासी श्रीपाल मुखिया के दो पुत्र जेविंद्र और हरिओम उर्फ बिल्लू (35) बुधवार रात खेत मेें पानी देने गए थे। पानी देते हुए हरिओम अचानक गायब हो गया। जेविंद्र ने सूचना गांव में दी तो उसकी जंगल में तलाश शुरू हुई लेकिन हरिओम नहीं मिला। गुरुवार सुबह कपसाड़-चकबंदी संपर्क मार्ग पर तालाब के पास ईख के खेत में हरिओम का शव मिला।
श्रीपाल ने कप्तान निवासी कुराली, ममतेश और सीमा निवासी कपसाड़ और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी परंतु वे हत्थे नहीं चढ़ सके।
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खूनी रंजिश का खेल
श्रीपाल के भाई महिपाल की सकौती चीनी मिल पर तीन दिसंबर 2000 में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। श्रीपाल ने सतीश, राजकु मार, रतन और जसवीर को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सतीश और राजकुमार आजीवन कारावास काट रहे हैं। अब सतीश की पत्नी और जसवीर की पत्नी हरिओम की हत्या में नामजद हुई हैं। श्रीपाल के घर में दो हत्याएं होने और आरोपी वहीं के लोगों के होने पर गांव में खूनी रंजिश छिड़ने के आसार बने हैं। पुलिस भी इसे गंभीरता से ले रही है।
जान बचाने को हुआ था संघर्ष
जिस स्थान पर हरिओम का शव मिला वहां आसपास के गन्ने टूटे हुए है। हरिओम की शर्ट फटी थी। माना जा रहा है कि हत्या के दौरान हत्यारों और हरिओम में संघर्ष हुआ।
परिजनोें का रो-रोकर बुरा हाल
हरिओम की शादी 12 वर्ष पूर्व समाना गांव की सीमा से हुई थी। हरिओम के दो पुत्र और दो पुत्रियां है जिसमें 10 वर्षीय सौरभ, आठ साल का निशांत, पांच वर्षीय आशा और तीन वर्ष की सलोनी है। घर में परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी सीमा को संभाल पाना मुश्किल हो रहा था।
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