मेरठ। साकेत में न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनोद अरोड़ा के घर हुई डकैती का मास्टर माइंड घर का भेदी ही निकलकर सामने आ रहा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस शख्स की डॉक्टर के बेडरूम तक सीधी एंट्री थी। पुलिस ने गुरुवार को आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें दो ऐसे शख्स हैं जिनसे डकैती का केस वर्कआउट होने का अनुमान है। लगभग डेढ़ करोड़ की इस डकैती को जिस तरीके से अंजाम दिया गया उससे साफ हो चुका है कि बदमाश प्रोफेशनल होने के साथ ही डॉक्टर परिवार के काफी परिचित रहे होंगे। यही कारण रहा कि कोठी के हर हिस्से की जानकारी रखने वाले तीनों बदमाशों ने अपने चेहरे नकाब से छुपाए रखे। एसएसपी के. सत्यनारायणा का कहना है कि हमें महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। हिरासत में लिए गए संदिग्ध लोगों से पूछताछ हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही केस वर्कआउट कर लिया जाएगा।
अभी तो पड़ी थी इनकम टैक्स की रेड
पुलिस सूत्रों के अनुसार बदमाशों ने जब डॉक्टर अरोड़ा से घर में रखा कैश मांगा तो डॉक्टर ने कहा था कि मेरे पास ज्यादा कैश नहीं है। इस पर एक बदमाश ने तैश में आकर कहा था कि झूठ मत बोलो। अभी तो तुम्हारे यहां इन्कम टैक्स की रेड पड़ी थी। हमें सब पता है कि माल कितना और कहां रखा है। बस हमें चुपचाप चाबी दे दो। इसी तरह डॉक्टर की दिल्ली से लौटी बेटी के बारे में भी बदमाशों को पूरी जानकारी थी।
कंपाउंडर और पुराना ड्राइवर
डकैती डालने वालों में पुलिस को कंपाउंडर और डॉक्टर के एक पुराने ड्राइवर पर शक है। पुलिस अफसरों का मानना है कि वारदात में जिस तरह से बेहोश करने वाली दवा का प्रयोग हुआ, वह किसी मेडिकल प्रोफेशनल के अलावा कोई और नहीं कर सकता। पूछताछ में सामने आया है कि डॉक्टर की कोठी पर आने वाले कुछ लोगों की एंट्री कोठी के हर हिस्से में थी।
ऐसी कैसी हड़बड़ाहट
मंगलवार रात जिस समय डॉक्टर के घर डाका पड़ा, उसके बाद डॉक्टर इतनी हड़बड़ाहट में रहे कि उन्होंने रिपोर्ट तक लिखाने से साफ मना कर दिया। मौके पर पहुंचे एसएसपी उन्हें समझाते रहे लेकिन डॉक्टर नहीं माने। बाद में रिपोर्ट अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लिखाई गई लेकिन उसमें कैश और ज्वैलरी की मात्रा नहीं खोली गई।
चौकी इंचार्ज और सिपाही नपेंगे
वारदात को लेकर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज साकेत और बीट कांस्टेबिल के खिलाफ जांच सीओ को दी है। एसएसपी के अनुसार दोनों के खिलाफ रिपोर्ट मिलने पर निलंबन की कार्रवाई होगी। इसके अलावा मेरठ से गढ़ रूट तक मेरठ की सीमा में स्थित चेक पोस्टों पर तैनात रहे पुलिसकर्मियों की सूची भी एसएसपी ने मांगी है। एसएसपी का कहना है कि उन्होंने रात में ही डॉक्टर की कार का नंबर फ्लैश कर दिया था लेकिन चेकिंग तो क्या होती, किसी ने कार का नंबर तक नोट नहीं किया था।
एडीजी से मिले व्यापारी
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अरुण वशिष्ठ और महामंत्री नवीन गुप्ता के नेतृत्व में गुरुवार को व्यापारियों ने एडीजी जेएल त्रिपाठी से मुलाकात की। घटना पर रोष जताते हुए कहा कि मेरठ के साथ ही आसपास के जनपदों में भी अपराध बढ़ा है। घटनाओं का शीघ्रता से खुलासा नहीं हो रहा है। एडीजीपी ने जल्द केस वर्कआउट का आश्वासन दिया। उमेश शारदा, संजय जैन, कौशल गोयल, दलजीत सिंह, अशोक ग्रोवर, सतीश चंद जैन, नवीन अरोड़ा और गजेंद्र शर्मा मौजूद रहे।