चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा बुधवार को बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। मेरठ और गाजियाबाद के 111 केंद्रों पर कुल 55600 परीक्षार्थियों में से करीब 9881 ने परीक्षा छोड़ दी। इनमें से कुछ ऐसे भी रहे जो देर से पहुंचने के कारण परीक्षा में नहीं बैठ सके, जबकि कई बिना फोटो आईडी के आए थे, जिस कारण उन्हें निराश होना पड़ा। कई अभ्यर्थियों की परीक्षा साइंस और आर्ट के सेंटर गलत भरने के कारण भी छूटी। हालांकि जो अभ्यर्थी पहली पाली में फोटो आईडी नहीं लाए थे, उन्हें दूसरी पाली तक फोटो आईडी मंगाने की छूट भी दी गई।
इस संयुक्त प्रवेश परीक्षा में मेरठ में 81 केंद्रों पर 40600 अभ्यर्थी परीक्षा देने आने वाले थे। लेकिन इनमें से करीब 5433 परीक्षा में शामिल नहीं हुए। पहली पाली सुबह आठ बजे से 11 बजे तक, जबकि दूसरी पाली का पेपर दोपहर एक से शाम चार बजे तक हुआ। एक परीक्षा केंद्र पर 500 अभ्यर्थियों का सेंटर बनाया गया था। गाजियाबाद में भी 30 केंद्रों पर 15 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देने वाले थे। इनमें से करीब 4448 अनुपस्थित रहे।
मिस प्रिंट की रही शिकायत
अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न पुस्तिका में कई सवाल मिस प्रिंट थे, जो सही तरीके से पढ़ने में नहीं आ रहे थे। इस कारण कई सवाल समझने में दिक्कत हुई। प्रश्न पुस्तिका को केंद्र में ही रख लिया जाता है और उसे बाहर लाने की इजाजत नहीं है।
लवली के चक्कर में छूटी ज्योति की परीक्षा
परीक्षा फार्म में गलत नाम भरने के कारण भी कई की परीक्षा छूटी। एक सेंटर पर ज्योति नामक युवती परीक्षा देने आई थी। उसका घर का नाम लवली है। उसके भाई ने उसका फार्म भरा था। उसने उसमें उसका नाम ज्योति की जगह लवली लिख दिया, इस कारण वह परीक्षा से वंचित रह गई।
सात हजार सीट के लिए होगी मारामारी
यूपी में एडेड कॉलेजों में करीब सात हजार सीटें हैं। इनमें प्रवेश को लेकर मारामारी रहेगी। एंट्रेस एग्जाम में अच्छी रैंक वालों का ही इसमें प्रवेश हो पाएगा। इसके अलावा इस बार ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को भी परीक्षा देने का मौका दिया गया था। यही वजह रही कि बमुश्किल 30 हजार तक पहुंचने वाली अभ्यर्थियों की संख्या इस बार दोनों जिलों (मेरठ-गाजियाबाद) में 45 हजार के पार पहुंच गई।
वे पंफलेट बांटते रहे
कुछ प्राइवेट कालेज वाले जो बीएड कराते हैं, वे भी सेंटरों के बाहर अपने पंफलेट बांटते नजर आए।