मेरठ। कांवड़ यात्रा के मार्गों, प्रमुख मंदिरों और मेलाें की सुरक्षा और निगरानी के लिए पुलिस ने वॉच टावर बनाए हैं। हर थाना क्षेत्र में ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। 95 ड्रोन इसमें लगाए गए हैं। संचार के लिए वायरलैस कंट्रोल रूम के सात स्टेशन और 22 सब स्टेशन तथा 24 सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि ऑपरेशन संचार में सभी चौकी प्रभारियों को अपनी सीयूजी नंबरों से क्षेत्र के नागरिकों से सीधा संपर्क करने के निर्देश दिए गए है। रेंज की चौकियों पर 850 सीयूजी नंबर है। मेरठ में 199, बुलंदशहर में 356, बागपत में 173, हापुड़ में 122 सीयूजी नंबर हैं। मेरठ रेंज के चारों जनपदों में 26 मुख्य कांवड मार्ग हैं। मेरठ में 7, बुलंदशहर में 10, बागपत में चार व हापुड़ में पांच कांवड़ मार्ग हैं। चारों जिलों में 32 ऐसे शिवालय और मुख्य मंदिर है, जहां पर जलाभिषेक होगा। चारों जिलों में नौ स्थानों पर श्रावण मेले लगते हैं।
-
इन स्थानों पर बनाए वाच टॉवर
रेंज में 20 वॉच टावर बनाए गए है। मेरठ में चार मोदीपुरम चौकी, बेगमपुल, भोला झाल व भूरे शाह की मजार पर वॉच टावर बनाए है। बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र में गंगाघाट, अहार क्षेत्र में अंबेकश्वर मंदिर व नहर पुल, नरौरा गंगाघाट, गुलावटी व अरनिया बार्डर पर कुल सात वॉच टावर, बागपत के पुरा महादेव मंदिर क्षेत्र पर छह वॉच टावर और हापुड़ के प्राचीन सबली शिव मंदिर व ब्रजघाट पर तीन वॉच टावर बनाए गए है।
88 नाव और 122 गोताखोर लगाए
डीआईजी ने बताया कि श्रावण माह और कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा और अन्य नदियों और नहरों पर 122 गोताखोर के साथ 88 नाव लगाई गई है। मेरठ में 36 गोताखोर 12 नाव, बुलंदशहर में 48 गोताखोर 59 नाव, बागपत में 20 गोताखोर आठ नाव और हापुड में 18 गोताखोर नौ नाव लगाई गईं हैं। इनके अलावा चारों जिलों में 2643 डिजिटल वॉलंटियर भी बनाए गए है। मेरठ में 483, बुलंदशहर में 486, बागपत में 529, हापुड़ में1145 डिजिटल वॉलंटियर बनाए गए है।