हत्यारे ससुर को आजीवन कारावास
परीक्षितगढ़ के गांव अगवानपुर में हुई थी दहेज को लेकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। दहेज की मांग पूरी न होने पर पुत्रवधू को जलाकर मारने के आरोपी ससुर को एडीजेे स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-2 मनजीत सिंह श्यौराण की अदालत ने आजीवन कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना करीब चार साल पहले थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र के अगवानपुर गांव में घटी थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मोमिन पुत्र मीरू कुरैशी ने 22 मार्च 2015 को रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि उन्होंने पुत्री सानिया का विवाह वरीस पुत्र जरीफ कुरैशी निवासी अगवानपुर थाना परिक्षतगढ़ के साथ किया था। शादी के बाद वरीस, मुन्ना पुत्र जरीफ, जरीफ पुत्र अजीज, रेशमा पुत्री जरीफ, इसरत पत्नी जरीफ निवासी अग्रवानपुर उसकी बेटी से एक लाख रुपये और गाड़ी की मांग करते थे। 21 मार्च 2015 को दहेज की मांग पूरी न करने पर आरोपियों ने सानिया की आग लगाकर हत्या कर दी।
इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल की। जिस पर वादी पक्ष द्वारा आपत्ति दाखिल करने पर अदालत ने पुन: विवेचना का आदेश दिया। विवेचना के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी जरीफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जहां पर सरकारी वकील सिराजुद्दीन अलवी ने वादी सहित अनेक गवाह न्यायालय में पेश किये। जिनके बयानाें के आधार पर अदालत ने आरोपी जरीफ को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अदालत ने वादी मोमिन को अदालत में बयान से मुकर जाने के कारण उसके खिलाफ धारा 344 के तहत प्रर्कीण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
अदालत में की कम सजा की मांग
अदालत में जब जरीफ को सजा के प्रश्न पर सुना गया तो उसने कहा कि उसकी आयु 65 वर्ष है। उसकी सात पुत्रियां हैं। पांच पुत्र हैं, जिसमें से चार नाबालिग है। उसकी पत्नी है। उसके ऊपर अपने नाबालिग बच्चों व पत्नी के भरण पोषण की जिम्मेदारी है।