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एलान था तहेरे भाइयों का, निशाना बना मोनू

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एलान था तहेरे भाइयों का, निशाना बना मोनू
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- गोपी पारिया की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर जारी की गई थी नौ युवकों की सूची, कहा था इनसे लिया जाएगा बदला
- सूची में शामिल आशीष गुर्जर की कर दी गई थी हत्या
- अब मोनू की हुई हत्या पर मोनू का नहीं, उसके दो तहेरे भाई सूची में शामिल थे
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। यदि मोनू के परिवार के लोगों की मानें और सोशल मीडिया पर पिछले साल वायरल की गई सूची पर नजर डालें तो सामने आ रहा है कि टारगेट पर तो मोनू के ताऊ के दो बेटे थे। लेकिन निशाना बनाया गया मोनू को।
पिछले साल दिसंबर में शोभापुर गांव के ही आशीष गुर्जर की एलानिया गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। माना गया कि गोपी परिया की मौत का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। उसी समय एक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें नौ लोगों के फोटो समेत चेतावनी दी गई थी। लिखा गया था कि इन लोगों की मौत किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति के हाथ लिखी है। कोई बीच में दखल न दे। कहा गया था कि सूची गोपी पारिया पक्ष के किसी व्यक्ति ने जारी की है और उसमें सभी गुर्जर युवकों को टारगेट करने की बात कही गई थी। इस सूची में सबसे पहले आशीष गुर्जर की फोटो थी जिसकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद अनिल, मनोज, कपिल, सुनील, जॉनी, ललित, विष्णु व वासु की थी।
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हालांकि इस सूची में मोनू गुर्जर का नाम नहीं था पर इस सूची में शामिल अनिल और सुनील दोनों ही मोनू के ताऊ गुलवीर के बेटे हैं। गोपी की हत्या के आरोप में सुनील जेल गया था, जो फिलहाल बाहर है। कपिल पर भी यह आरोप लगा था और वह भी इस समय जेल में नहीं है। मनोज फिलहाल जेल में ही है। ऐसे में इस सूची पर पुलिस ने एक बार फिर से काम शुरू कर दिया है। चूंकि जिस तरह से एक बार फिर से इस प्रकरण में यहां तीसरी हत्या हुई है उसने पुलिस के लिए एक चुनौती खड़ी कर दी है।
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गोपी की बरसी में अभी दस दिन बाकी
शोभापुर के गोपी पारिया की बरसी में अभी दस दिन बाकी हैं। दो अप्रैल को मेरठ में बवाल हुआ था और चार अप्रैल को गोपी की हत्या कर दी गई थी। दस दिन बाद उसकी बरसी है। उससे पहले ही एक और हत्या ने पुलिस की नींद उड़ा दी है।
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