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चीनी मिलों की रिकवरी को प्रभावित करती रिजेक्ट गन्ना प्रजाति

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अमर उजाला ब्यूरो
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सरूरपुर। गन्ने की फसल में रिजेक्ट प्रजाति के कारण चीनी मिलों की रिकवरी आए दिन घटने का कारण बनती है। जिससे क्षेत्र के चीनी मिलों की उत्पादकता को प्रभावित करने में गन्ने की रिजेक्ट प्रजातियों से मुक्ति के लिए चीनी मिलें भरसक प्रयास कर रही हैं। हालांकि चीनी मिलों और गन्ना विभाग के प्रयास के चलते किसानों ने अगेती प्रजाति की फसल की बुवाई को अपनाया है।
बजाज हिन्दुस्थान चीनी मिल किनौनी के आसपास के गांवों में गन्ने की प्रजाति की बुआई के बाद मिल को आपूर्ति किए जा रहे गन्ने से मिल प्रबंधन काफी परेशान है। क्षेत्र में मिल को अधिक आपूर्ति के कारण चीनी की रिकवरी को प्रभावित करने में रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना पेराई की वजह माना है। जिससे इस पेराई सत्र में मिल को करोड़ों का घाटा सामने आता है। गन्ना विभाग एवं मिल प्रबंधन के संयुक्त दल कृषि वैज्ञानिकों के साथ क्षेत्र में रिजेक्ट प्रजाति के प्रति किसानों को विस्तार से समझाकर जागरूक कर रहे हैं। साथ ही इस प्रजाति की बुआई नहीं करने की सलाह दी। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान साल में क्षेत्र की शुगर मिलों में चीनी की रिकवरी कम होने में रिजेक्ट प्रजाति को अहम बताया है। गांवों के क्षेत्र में भ्रमण जानकारी प्राप्त की गई तो पता चला की इस रिजेक्ट गन्ना प्रजाति की बुआई हर चीनी मिलों में पिछले साल 20 से 25 फीसदी क्षेत्र में किसानों द्वारा की गई है। बजाज शुगर मिल किनौनी के यूनिट हैड केपी सिंह का कहना है कि वैज्ञानिकों के अनुसार इस गन्ना प्रजाति के परीक्षण में स्पष्ट हुआ कि यह अंदर से थोथा है। जिसकी वजह से इसका वजन काटने के समय 25 से 30 फीसदी तक कम हो जाता है। यही वजह है कि जूस भी कम निकलता है। मिलों की रिकवरी भी इसी कारण कम आती है। इस के अगोला किसान अपने पशुओं को चारे में प्रयोग करते हैं। जिससे पशुओं की पाचन क्रिया अनियमित हो जाती है। पशुओं का दूध कम हो जाता है।
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किनौनी शुगर मिल कि गन्ना महाप्रबंधक राजकुमार टाया ने बताया कि मिल क्षेत्र में कराए सर्वे में इस गन्ने की प्रजाति की बुआई नहीं करने के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए टीम को लगाया हुआ है। इस वर्ष गन्ने की रिकवरी घटने के कारण मिलों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इसी कारण हर वर्ष मिल प्रबंधन इस प्रजाति क गन्ने को लेने में आनाकानी करता है। मलियाना गन्ना समिति के सचिव श्रीपाल सिंह ने बताया कि किसानों को गन्ने की स्वीकृत उन्नतशील प्रजातियां अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांवों में किसानों को गोष्ठी कर गन्ने की फसल के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मुख्य बातें
रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना आपूर्ति होने से बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल किनौनी प्रबंधन परेशान
करीब एक चौथाई क्षेत्र में अस्वीकृत गन्ने की प्रजाति का कब्जा
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