गठबंधन को लेकर अभी सपाइयों में इंकार-इकरार
मेरठ। लोकसभा के चुनावी रण में साथ-साथ उतरे सपा-बसपा कार्यकर्ताओं के बीच स्थानीय स्तर पर अभी इंकार-इकरार जैसी स्थिति है। बसपा से लोकसभा प्रत्याशी तय माने जा रहे पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी के साथ मंगलवार को होने वाली बैठक अचानक सपाइयों ने यह कहते हुए रद्द कर दी कि अभी जल्दी क्या है?
चुनावी मैदान में अभी सूरमा भले ही तय न हुए हों। लेकिन कई सीटों पर बसपा ने इशारा कर दिया है कि हाथी पर सवार होकर कौन महासमर में उतरेगा। मेरठ में भी हाजी याकूब कुरैशी को लोकसभा प्रभारी बनाकर पार्टी आलाकमान इशारा कर चुका है कि याकूब चुनाव लड़ेंगे। चूंकि सपा बसपा गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ रही है तो यह सीट बसपा के खाते में गई है। अब इस सीट पर दाव पेंच शुरू हो गए हैं। इस बिसात पर सपाई भी सधी कदम पर आगे बढ़ रहे हैं। मेरठ को लेकर हां हां, ना ना जैसी स्थिति सामने आ रही है।
दरअसल, याकूब कुरैशी ने सपा पदाधिकारियों की एक बैठक मंगलवार को सपा के ही कार्यालय पर दोपहर डेढ़ बजे बुलाई थी। अधिकतर पदाधिकारियों को फोन के जरिए बैठक में आने को कहा गया था। इरादा था कि हर बिंदु पर मंथन हो जाए। चुनाव की रणनीति पर विस्तृत बात हो। लेकिन ऐन मौके पर सपाइयों ने बैठक से इनकार कर दिया। फोन कर कह दिया गया कि अभी ऐसी क्या जल्दी है। सपा के एक पदाधिकारी ने बातों बातों में यह भी कह ही दिया कि एक बार पहले विधिवत तौर पर बसपा प्रत्याशी तो घोषित कर दे। बैठक भी हो जाएगी। माना जा रहा है कि बैठक न करने का निर्णय सपा के मेरठ से जुड़े वेस्ट यूपी के एक दिग्गज नेता के कहने पर लिया गया है। इस नेता ने धीरे से अपना पैतरा चला और बैठक रद्द करा दी। हालांकि याकूब कुरैशी कहते हैं कि बैठक नहीं थी। केवल बातचीत ही करनी थी। यह बात फोन पर हो गई तो बैठक की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि सपाई पूरी तरह से उनके साथ हैं और वह मजबूती से चुनाव लड़ेंगे।