राजेंद्र हत्याकांड में फंसी पुलिस कर्मियों की गर्दन
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। झिंझाना थानाक्षेत्र के हथछोया गांव में यूपी 100 पुलिस की गाड़ी से युवक को खींचकर पिटाई और उसकी मौत के मामले का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और मामले में रिपोर्ट तलब की है। इस प्रकरण में ये तथ्य भी सामने आया कि यूपी 100 पुलिस की गाड़ी पर एक ओर सिपाही की ड्यूटी थी लेकिन वो ड्यूटी से गायब था। वो गाड़ी में नहीं था। इसी वजह से गाड़ी में केवल कार चालक और एक होमगार्ड रह गए थे। एसपी ने उसे भी निलंबित कर दिया है।
एसपी अजय कुमार का कहना है कि वायरल वीडियो में ये तो स्पष्ट है कि राजेंद्र की एक युवक ने गाड़ी में पिटाई की गई। वो गाड़ी से नीचे भी गिरा था और ठीक था, लेकिन इससे ये कहीं स्पष्ट नहीं होता कि राजेंद्र की मौत यूपी-100 पुलिस की गाड़ी में हुई है। परिजनों द्वारा इस घटना के संबंध में जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें भी पुलिस की गाड़ी से खींचकर या गाड़ी के अंदर हत्या करने का जिक्र नहीं है। राजेंद्र की मृत्यु की सूचना भी पुलिस को शाम करीब साढ़े पांच बजे दी गई। झिंझाना पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसका शव उसके घर पर था। बताया गया था कि उसे एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया, गया लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। एसपी अजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस संबंध में मानवाधिकार आयोग के नोटिस के संबंध में जानकारी नहीं है। एसपी ने बताया कि इस संबंध में यूपी 100 डायल में मौजूद चालक और होमगार्ड ने मौखिक तौर पर जो बताया जा रहा है कि उसके अनुसार गाड़ी से नीचे गिरने के बाद राजेंद्र वहां से चला गया था। इसी दौरान ऊन क्षेत्र में एक्सीडेंट की सूचना आ गई जिसके बाद यूपी 100 पुलिस कर्मी वहां चले गए थे। आधिकारिक तौर पर होमगार्ड और पुलिसकर्मी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसपी ने माना कि इस मामले में यूपी 100 पुलिस कर्मियों की प्रथम दृष्टया लापरवाही है। यदि वहां ऐसा माहौल था तो उन्हें झिंझाना थाने को सूचना देकर और फोर्स मंगाना चाहिए था। प्रथम दृष्टया उनकी इसी लापरवाही पर उन्हें निलंबित किया गया है ओर एएसपी विभगाय जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
ये है घटनाक्रम
करीब 3.30 बजे - यूपी 100 को राजेंद्र के शराब पीकर हंगामे की सूचना मिली।
लगभग 3.45 बजे - यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामे केे कुछ देर बाद लौटी।
लगभग 5.30 बजे - राजेंद्र की मौत की सूचना पर फिर से पुलिस गांव में पहुंची, हंगामा।
ये दर्ज हुई थी एफआईआर
मृतक के भाई अंकित ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया गया था कि शाम चार बजे उसके भाई राजेंद्र की पिंडोरा तिराहे पर गांव के हाशिम, रिफू, सहादत, वासर, सहदाकत और आमिर ने डंडे, बलकटी से हत्या कर दी है। घटनास्थल पिंडोरा रोड तिराहा बताया गया है।
ये है पूरा घटनाक्रम
झिंझाना थानाक्षेत्र के हथछोया गांव में 26 नवंबर को राजेंद्र की हत्या करदी गई थी। परिजनों ने छह लोगों पर गांव के पिंडोरा तिराहे पर डंडे ओर बलकटी से काटकर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 27 नवंबर को एक वीडियो वायरल हुई थी जिसमें राजेंद्र को यूपी 100 पुलिस की गाड़ी में पुलिसकर्मियों के सामने ही एक युवक पीटता हुआ नजर आ रहा था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की गाड़ी से खींचकर ही उसकी हत्या की गई है।
शरीर पर मिले रगड़े जाने के निशान, सिर में भी चोट लगी थी
राजेंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर सात-आठ रगड़ने जैसे निशान मिले हैं, जिनसे मौत संभव नहीं है। केवल सिर के पीछे एक कटने जैसा निशान है जिस वजह से उसकी मौत संभव है।
यूपी 100 पुलिस कर्मियों की बैठक ले दी नसीहत
शामली। इस घटना के बाद एसपी ने शाम को जिले में यूपी 100 पुलिस कर्मियों की बैठक लेकर उन्हें नसीहत दी। पुलिस लाइन में हुई बैठक में एसपी ने हथछोया प्रकरण के बारे में यूपी 100 पुलिस कर्मियों को दिशा निर्देश देकर बताया कि यदि उन्हें कहीं भी भीड़ वाला माहौल दिखे तो तुरंत संबंधित थाने को सूचना देकर फोर्स बुला लें। उन्होंने व्यवहार सुधारने, अवैध वसूली की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई सहित कई हिदायतें दी गई।