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गणवेश में मोजे का रंग अलग होने पर भी रोका प्रवेश

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गणवेश में मोजे का रंग अलग मिलने पर भी रोका प्रवेश
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मेरठ। राष्ट्रोदय में संघ नेतृत्व इस बार अनुशासन को लेकर पूरी तरह सख्त नजर आया। इसमें गणवेश को लेकर सख्ती ज्यादा रही। यदि किसी स्वयंसेवक का मोजा भी दूसरे रंग का मिला तो उसे भी कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि जब सभी गेटों पर भीड़ ज्यादा बढ़ी तो बिना किसी जांच के स्वयं सेवकों को भीतर आने की अनुमति दे दी गई।
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संघ ने राष्ट्रोदय रजिस्ट्रेशन के साथ पूर्ण गणवेश को अनिवार्य किया था। जिसमें काले जूते और मोजों के साथ ही संघ की गहरी खाकी रंग की पेंट, सफेद शर्ट, ब्राउन रंग की बेल्ट और सिर पर काली टोपी अनिवार्य थी। इसके साथ ही ऑनलाइन हुए पंजीकरण के बाद सभी को प्रवेशिका भी दी गई थी, जिस पर बार कोड था। प्रवेश के दौरान सभी के बार कोड की स्कैनिंग की गयी। स्कैनिंग के पीछे संघ नेतृत्व की दो सोच थी, जिसमें पहली सुरक्षा और दूसरी यह पता लगाने की किस जनपद से कितने स्वयं सेवक आए हैं। सुबह 9 बजे से ही राष्ट्रोदय स्थल पर स्वयं सेवकों का पहुंचना शुरू हो गया था, जिनकी प्रवेशिका के बार कोड की स्कैनिंग के साथ गणवेश की भी गहनता से जांच की गई। पूर्ण गणवेश न धारण करने वाले स्वयं सेवकों का प्रवेश रोक दिया गया। राष्ट्रोदय में गेट पर सुरक्षा व्यवस्था में लगे सूत्रों के अनुसार कई हजार स्वयं सेवक पूर्ण गणवेश के न होने से प्रवेश से वंचित हो गये और बाहर घूमते रहे। इस दौरान दोपहर में करीब एक बजे के बाद जब स्वयं सेवकों का भार गेट पर बढ़ा और कार्यक्रम की व्यवस्था को समय कम रह गया तो नेतृत्व ने बार कोड की स्कैनिंग बंद कराकर स्वयंसेवकों को सीधे प्रवेश का निर्देश दे दिया।
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