राष्ट्रोदय में दिखा संघ का भविष्य
मेरठ। राष्ट्रोदय स्वयंसेवक समागम में आरएसएस के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर साफ नज़र आई। 8 साल के बच्चों से लेकर 15 साल तक के किशोर भी स्वयंसेवक बनकर आयोजन में पहुंचे। आसपास के जिलों और दूर देहात से ये बाल स्वयंसेवक शरीर पर संघ का पूर्ण गणवेश और मन में राष्ट्र सम्मान का संकल्प लिए हुए थे। सामने सरसंघ संचालक डॉ. मोहन भागवत को देखकर प्रफुल्लित नजर आए। संघ प्रमुख का भाषण सुनकर इन बच्चों ने मन ही मन आजीवन अनुशासन व देशसेवा का संकल्प लिया। छठवीं से कक्षा नौ के बच्चों में आयोजन के लिए काफी उत्साह था।
इनसेट--- गीतघोष में बाल स्वयंसेवकों ने निभाई जिम्मेदारी
राष्ट्रोदय में बाल स्वयंसेवकों ने गीतघोष की जिम्मेदारी अनुशासन व कर्मठता से निभाई। सुबह 11 बजे ही बाल स्वयंसेवक अपने जिलों से आयोजन में पहुंचने लगे, जो शाम करीब 5 बजे तक मैदान पर उपस्थित रहे। इन बाल स्वयंसेवकों ने शारीरिक अभ्यास भी किया। पंक्ति में बाल स्वयंसेवक सबसे आगे नज़र आए। सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर, गुरुकुल आश्रम व अन्य विद्यालयों के छात्र आयोजन में पहुंचे। बैंड पर गीतघोष क ो गुुंजित करने में बाल स्वयंसेवकों की टोली आगे रही। मैदान से खाली बोतलें एकत्र करने व व्यवस्था बनाने में भी सहयोग दिया।
भागवत जी को सुनना अच्छा लगा
मेरे पापा भी संघ में हैं। कई दिन पहले पापा ने बताया था कि संघ के हेड डॉ. मोहन भागवत जी मेरठ आ रहे हैं। तो मैंने भी आने के लिए कहा। दो साल से संघ की शाखा में जा रहा हूं। आज यहां मोहन भागवत जी को सुनना अच्छा लगा। -वासुदेव
गर्मी की छुट्टियों में जाता हूं शाखा
सेंट मेरीज एकेडमी में पढ़ता हूं। रोजाना तो शाखा में नहीं जा पाता, क्योंकि स्कूल जाना होता है। लेकिन जब स्कूल की छुट्टी होती है तो पापा के साथ शाखा जाता हूं। गर्मी की छुट्टियों में प्रतिदिन शाखा जाकर अनुशासन सीखता हूं। -रुद्र
अनुशासन में रहना पसंद
गाजियाबाद के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में पढ़ता हूं। अपने साथियों के साथ समागम में शामिल होने आया हूं। दो वर्षों से संघ की शाखाओं में जाता हूं। स्कूल में ही शाखा होती है। संघ का अनुशासन मुझे बहुत पसंद है, इसलिए मैं संघ की शाखा में जाता हूं। -करन
गीतघोष के लिए करता हूं अभ्यास
सरस्वती विद्यामंदिर क ा छात्र हूं। हमारे स्कूल में ही शाखा होती है। उसी शाखा में मैंने गीतघोष के लिए बाजा बजाना सीखा। जहां भी आयोजन होता है, बाजा बजाने के लिए विद्यालय की तरफ से जाता हूं। हमारे स्कूल के और भी भइया इसमें भाग लेते हैं। -आर्यन
पहली बार देखी इतनी भीड़
एक साल से संघ की शाखा में जा रहा हूं। शाखा में योग, व्यायाम सीखकर बहुत अच्छा लगता है। आज पहली बार इतने सारे स्वयंसेवकों की भीड़ देखी। बहुत अच्छा लग रहा है। -नितिश
पापा के साथ आया हूं
पापा के साथ इस आयोजन में शामिल होने आया हूं। सरस्वती विद्या मंदिर में छठवीं कक्षा का छात्र हूं। बड़ा होकर सैनिक बनकर देश की सेवा करना चाहता हूं। यही मेरा सपना है। -हिमांशु
संघ से सीखता हूं अनुशासन
दो साल से संघ की शाखा में जा रहा हूं। संघ के गीतघोष के लिए बाजा भी बजाता हूं। हमें स्कूल में जो अनुशासन सिखाया जाता है, उससे कहीं अधिक अनुशासन मुझे संघ में सीखने को मिला। राष्ट्रप्रेम की भावना सिखाई जाती है। -पुष्कर
अभी तक टीवी पर देखा, आज सुना
संघ के हेड मोहन भागवत जी को मैंने अभी तक केवल टीवी पर और न्यूजपेपर में ही देखा था। लेकिन उनको सामने बैठकर देखा और सुना पहली बार है। बहुत अच्छा लगा। आगे भी इस तरह के आयोजन में आने की कोशिश करूंगा। -अंश
स्कूल से ही आए हैं
सरस्वती विद्या मंदिर क ा छात्र हूं। स्कूल से ही इस आयोजन में शामिल होने आए हैं। हमें बोला गया था कि सभी स्वयंसेवकों को मेरठ जाना है। पहले भी कई पथ संचलनों में गए हैं। दो साल से संघ की शाखा से जुड़ा हूं। -निखिल
खास बातें
- बाल स्वयंसेवकों में नजर आया भारी उत्साह
- पूर्ण गणवेश में किया शारीरिक अभ्यास
- स्कूल की पढ़ाई से ही जोड़ा संघ से नाता