मेरठ। राष्ट्रोदय कार्यक्रम में पुलिस का सुरक्षा घेरा पास हो गया। 15 दिनों से तैयारियों में जुटे पुलिस-प्रशासन ने व्यवस्था बनाने में कसर नहीं छोड़ी। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद जहां एसएसपी मंजिल सैनी संभाल रहीं थीं, तो वहीं कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार, एडीजी जोन प्रशांत कुमार, आईजी रेंज रामकुमार और डीएम अनिल ढींगरा ने व्यवस्थाओं को परखा।
कार्यक्रम स्थल और जिले के अन्य भागों को 10 जोन में बांटकर पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगाई गई थी। मंच की सुरक्षा व्यवस्था एटीएस और स्पेशल कमांडो के हवाले रही। प्रत्येक जोन में एक एएसपी और मजिस्ट्रेट सभी 39 सेक्टरों में सीओ व मजिस्ट्रेट फोर्स के साथ तैनात रहे। कार्यक्रम स्थल के चारों तरफ तीन कंपनी आरएएफ, 12 कंपनी पीएसी व आरआरएफ समेत करीब 45 सौ पुलिसकर्मी तैनात थे। जबकि करीब 15 सौ पुलिसकर्मी शहर और देहात के मुख्य मार्गों पर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था की दृष्टि से तैनात किए गए थे। शाम को एसएसपी ने कहा कि कार्यक्रम बहुत बड़ा था। इसमें पुलिस ने टीम वर्क के साथ ड्यूटी में जो मेहनत की, उसके कारण किसी को कोई परेशानी नहीं हुई।
डीजीपी ने थपथपाई मेरठ पुलिस की पीठ
मेरठ। एडीजी जोन प्रशांत कुमार के अनुसार राष्ट्रोदय समागम कार्यक्रम सकुशल संपन्न कराने पर डीजीपी ओपी सिंह ने मेरठ पुलिस की पीठ थपथपाई है। डीजीपी ने लखनऊ से फोन पर कहा कि सुरक्षा व्यवस्था से लेकर ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम मेरठ जोन पुलिस ने किए थे। वाहनों की संख्या इतनी थी कि जाम लगना तय था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक घंटे में सभी वाहन आसानी से निकल गए। इसको लेकर एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी देहात राजेश कुमार, एसपी सिटी मानसिंह चौहान और एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी समेत जोन के कई पुलिस अफसरों को डीजीपी द्वारा प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। डीजीपी ने कहा है कि लखनऊ में संघ का कार्यक्रम हुआ था। उससे कई गुना भीड़ मेरठ में पहुंची थी।