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59 एमओयू पास, दर्जनों अभी भी कतार में

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एमओयू फाइनल, दर्जनों कतार में
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मेरठ।
प्रदेश में उद्योगों को नई रफ्तार देने के लिए सरकार ने उद्यमियों को इंवेस्टर्स समिट क ा सहारा दिया तो उद्यमियों में ज्यादा से ज्यादा निवेश करने की इच्छा जाग गई। उद्योग के सफल संचालन का अच्छा माहौल मिलेगा सरकार के इस वादे ने उन तमाम सोए हुए उद्यमियों की चेतना लौट आई जो सालों से निवेश की सोच रहे थे। इंवेस्टर्स समिट में जिले के सभी 684.05 करोड़ के 59 एमओयू को सरकार ने पास कर दिया, लेकिन दर्जनों प्रस्ताव अभी भी पास होने की कगार में हैं।
जिला उद्योग केंद्र में प्रतिदिन 10 से 15 उद्यमी 5 लाख से लेकर 50 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं। अधिकांश प्रस्ताव जमीन लेकर नई इकाई लगाने के हैं। जिला उद्योग केंद्र के पास वर्तमान में 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव आ चुका है, इसमें से 684.05 करोड़ के प्रस्ताव समिट में पास हुए हैं, शेष प्रस्ताव अभी भी डीआईसी के पास हैं। जो समिट के बाद मिले हैं। अब विभाग सभी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू करेगा। सभी निवेशकों से उनके निवेश को वास्तविक रूप देने के लिए उद्योग लगाने का आवेदन मांगा जाएगा।
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26 फरवरी को होगा सम्मान समारोह
इंवेस्टर्स समिट में भाग लेने वाले सभी 45 उद्यमियों को जिला उद्योग केंद्र की ओर से प्रशस्ति पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। डीआईसी कार्यालय में 26 फरवरी या होली के बाद सम्मान समारोह होगा। तिथि जल्द फाइनल कर विभाग सभी उद्यमियों को आमंत्रित करेगा। हालांकि अधिकांश उद्यमियों को लखनऊ में मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
उद्योग के आवेदन के बाद ही फलीभूत होगा निवेश
उद्यमी को उद्योग लगाने के लिए छूट चाहिए, तो उद्योग के लिए आवेदन करना होगा। इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से डीआईसी व उद्यमी में जो समझौता हुआ है उसका फाइनल फेज अब होगा। जो भी निवेशकों ने निवेश का प्रस्ताव दिया है अब डीआईसी उन सभी निवेशकों से एमएसएमई का फार्म भरवाएगा। पिकप की साइट पर ऑनलाइन व डीआईसी में आफलाइन यह फार्म भरा जाएगा। एमएसएमई व लार्ज स्केल इंडस्ट्री दोनों के लिए अलग फार्म होगा। जिसके जरिए मेगा, सुपर मेगा व मेगा प्लस इकाइयों के आवेदन होंगे। इसी आवेदन फार्म क ो भरने के बाद उद्यमी को ईपीएफ, जीएसटी, बिजली शुल्क, विकास शुल्क, स्टांप शुल्क, दूरसंचार, बिजली, ऊर्जा, ग्राम्य विकास, वित्त, भूमि अधिग्रहण, जल निगम, स्टांप, विकास प्राधिकरण से अन्य छूटें मिलेंगी। ढाई पेज के इस सिंगल फार्म में 12 कॉलम हैं। जिन्हें भरकर ही छूटों का लाभ मिलेगा। आवेदनों के लिए पिकप सेंट्रलाइज नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा व संबंधित विभागों को भेजेगा। आवेदन करने वाले उद्यमियों को पॉलिसी में बड़ी छूट मिलेगी, जल्दी अनुमतियां मिलेंगी।
इन कंपनियों के भी हैं निवेश प्रस्ताव
जिला उद्योग केंद्र के पास रमा साइकिल इंडस्ट्रीज ने 8.50 करोड़, सुनील कुमार जैन ऋषभ प्लास्टिक व वाराह इंडस्ट्रीज हरिद्वार से गुलशन सहगल, राकेश गर्ग जय भगवान पॉलीमर्स, अखिल जैन सिद्धार्थ कॉपर, विशाल शेखर त्यागी लक्ष्मी एक्सट्रेशन एंड लेमिनेटर्स, राजीव सिंघल, नीरजेश कुमार तोमर न्यू शिवा स्पोर्ट्स, नितिश जैन सारु कॉपर एलॉय, आदर्श आनंद आनंद ट्रैक एंड फील्ड इक्वपमेंट, अंशुल अग्रवाल एग्रो इंजीनियर्स फेब्रीकेटर्स, अरुण कुमार महाजन महाजन ट्रेडिंग कॉपरेशन, आलोक राजपूत नेक्टन एंब्रायडरी, आशीष गोयल वंदना पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड, मुकेश गोयल गोयल फर्नीचर, शिव कुमार कांबोज कनोहर इलेक्ट्रिकल, अश्विनी गेरा रबर उद्योग, निपुन जैन एग्रो मेक, मनोज शर्मा हरक्यूलिस इंटरनेशनल, मोहित जैन एवेरेस्ट बेवरेज, रमन जौली जौली आटो इंडिया, एमएस जैन एमएस रबर उद्योग, सरजीत सिंह चावला क्योनटेस प्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड, सचिन कुमार सिंघल एसटी प्लास्टिकस, एकता अग्रवाल दीवी क्रिएशन व अब्दुल कादिर अमर टेक्सटाइल सहित उद्योगपुरम से भी कई उद्यमियों ने विभिन्न सेगमेंट में निवेश के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। जो पास होने के लिए कतार में हैं।
2.5 करोड़ के निवेश से बनाएंगे क्रिकेट किट
सूरजकुंड रोड स्थित लिटेक्स स्पोर्ट्स कंपनी संचालक वीरेंद्र महाजन ने इंवेस्टर्स समिट में 2.5 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। लिटेक्स स्पोर्ट्स वर्तमान में क्रिकेट बैट बनाती है। खेल के अन्य सामानों में बिजनेस करती है। कं पनी 2.5 करोड़ के निवेश से अब्दुल्लापुर रोड पर नई यूनिट लगाना चाहती है। जहां क्रिके ट की पूरी किट बनेगी। कंपनी को 1 हजार वर्ग मीटर भूमि चाहिए। वीरेंद्र महाजन का कहना है अगर यूपीएसआईडीसी दिल्ली रोड व अन्य स्थान पर उचित दामों में भूमि दिला दे तो हम वहां भी यूनिट लगा सकते हैं। काफी समय से भूमि के लिए आवेदन कर रहे हें, लेकिन इंवेस्टर्स समिट के बाद उम्मीद बढ़ी है कि हमें जमीन मिल जाएगी और नया प्लांट लगा सकेंगे।
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59 एमओयू तो साइन हो चुके हैं, जो समिट से पहले हमारे पास आए थे। लेकिन पंजीयन बंद होने के बाद भी निवेश प्रस्तावों का आना जारी है। लगभग 300 करोड़ रुपयों के निवेश का प्रस्ताव आ चुका है। प्रतिदिन 10 से 15 निवेश प्रस्ताव आ रहे हैं। अब तक 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव जिले के उद्यमियों द्वारा आ चुका है। -शैलेंद्र सिंह सहायक आयुक्त उद्योग

खास बातें
- डीआईसी के पास लगी निवेश प्रस्तावों की झड़ी
- प्रतिदिन 15-20 करोड़ रुपये के निवेश के आ रहे प्रस्ताव
- एमओयू पास, अब उद्योग लगाने को होगी मशक्कत
- इंवेस्टर्स समिट से लौटे उद्यमियों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
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