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बंद हुई शुगर मिल तो बर्बाद हो जाएंगे किसान

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बंद हुई शुगर मिलें तो बर्बाद हो जाएंगे किसान
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मेरठ।
एनजीटी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस के बाद मंडल की शुगर मिलोें पर लटकी बंदी की तलवार से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि अगर पेराई सत्र के मध्य में ही मिल बंद कर दी जाएगी तो वे गन्ना कहां देंगे। मामले को लेकर विभागीय अधिकारी शासन के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।
गन्ना पेराई सत्र 2017-18 वर्तमान में पीक पर चल रहा है। गन्ना किसान गर्मी बढ़ने से पहले ही अपना गन्ना मिलों को आपूर्ति करने के लिए जोर लगा रहे हैं। लेकिन इसी बीच जनपद की मवाना, किनौनी और सकौती मिल के साथ ही मंडल की कई डिस्टलरी को बंद करने के एनजीटी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस ने गन्ना विभाग से लेकर किसानों तक को हिलाकर रख दिया है। किसानों का कहना है कि अगर मिल बंद हुई तो वे बर्बाद हो जाएंगे।
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आंदोलन की राह पर किसान
पेराई सत्र पर चल रहे संकट से किसान आंदोलन की राह पर हैं। भाकियू और रालोद ने आंदोलन की तैयारी कर ली है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का कहना है कि मिल प्रबंधन, गन्ना व प्रशासनिक अधिकारी इस संकट को निपटाएं। अगर इसका जल्द समाधान नहीं हुआ और मिल बंद हो गई तो किसान अधिकारियों को चैन से नहीं बैठने देंगे। वहीं रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि किसानों से उनका गन्ना लेने का एग्रीमेंट विभाग ने किया है। अगर किसानों पर कोई आंच आई तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
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डीएम को सौंपा ज्ञापन
भारतीय किसान आंदोलन ने इस मामले को लेकर बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मवाना, सकौती व किनैनी मिल पर मध्य पेराई सत्र में ही बंद किए जाने की प्रक्रिया का विरोध करते हुए मामले का हल निकालने की मांग की गई है। डीएम ने मिल बंद नहीं होने का आश्वासन दिया। इस मौके पर संगठन अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, हाजी अरशद, कर्मवीर, ब्रजेश चौहान, अनिल पबला, अंकुर, जलसिंह, राजन, दीपक आदि मौजूद रहे।
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