मेरठ। एक युगल ने विवाहिता का अपहरण करने के आरोप में नामजद होने पर आत्महत्या कर ली। फिर विवाहिता के पति पर हत्या के आरोप लग गए। करीब ढाई साल चली खोजबीन के बाद विवाहिता सही सलामत अपनी बहन के रहते मिली तो पति तुरंत पुलिस लेकर पहुंच गया। पुलिस ने विवाहिता को कोर्ट में पेश किया, जिसे उसके पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
यह मामला थाना गंगानगर क्षेत्र का है। अगस्त 2015 में दर्ज करायी गई एफआईआर के अनुसार गांव झुनझुनी थाना बहसूमा की रहने वाली पूजा पुत्री धर्मपाल का विवाह जुलाई 2010 को गांव उल्देपुर निवासी थान सिंह पुत्र पीतम सिंह के साथ हुआ था। शादी के बाद दो संतान हुईं। आरोप लगा कि अगस्त 2015 को पूजा अपनी ससुराल से मायके के लिए दोनों बच्चों के साथ निकली थी। लेकिन मायके नहीं पहुंची।
पूजा के पिता धर्मपाल ने गांव झुनझुनी निवासी रीना पुत्री मच्छंदर सिंह वाल्मीकि और गांव तारापुर हस्तिनापुर निवासी काले पुत्र रामचंद्र के खिलाफ पूजा का अपहरण करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। केस दर्ज होने के कुछ दिनों बाद ही दोनों आरोपियों ने आत्महत्या कर ली थी। जिस पर पुलिस ने अप्रैल 2016 में इस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। फाइनल रिपोर्ट लगते ही धर्मपाल ने आरोप लगाया कि पूजा की उसके पति थान सिंह ने हत्या कर दी है।
पति ने जारी कराया सर्च वारंट
वहीं, थान सिंह को जानकारी मिली थी कि पूजा जिंदा है और हस्तिनापुर में अपनी बहन सीमा के यहां मौजूद है। सूचना मिलते ही थान सिंह ने एसडीएम कोर्ट से सर्च वारंट जारी कराया। जिसके बाद थान सिंह तमाम लोगों के साथ हस्तिनापुर पहुंचा तो वहां पूजा सही सलामत मिली। सूचना पर पहुंची यूपी 100 पुलिस पूजा व उसके दोनों बच्चों को थाने ले आई। जिन्हें बुधवार को एसडीएम की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने पूजा के बयान दर्ज करते हुए पूजा की इच्छानुसार उसे बच्चों सहित उसके पिता के साथ भेज दिया। उधर, पति थान सिंह ने कहा कि उसके दोनों बच्चों का भविष्य खतरे में है और वह अपने बच्चों को अपनी कस्टडी में लेने के लिए कानूनी कार्यवाही करेगा।
खास बातें
- एक युगल ने विवाहिता के अपहरण का केस दर्ज होने पर कर ली थी आत्महत्या
- फिर पति पर लगा हत्या करने का आरोप, बहन के घर रहते मिली, पुलिस ने की बरामद