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हज यात्रियों की सब्सीडी समाप्त करना मुसलमानों के खिलाफ

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सब्सिडी खत्म करना मुस्लिमों के खिलाफ
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मेरठ। हज यात्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी को खत्म करने के फैसले को को मुस्लिमों ने मुस्लिम समाज के खिलाफ बताया। इस संबंध में शहर काजी जैनुस साजिद्दीन ने कहा कि सब्सिडी खतम करने पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन हज यात्रियों से जो एयर इंडिया द्वारा यात्रा के लिये अधिक किराया लिया जा रहा है उसे कम किया जाए। हज यात्रियों की सब्सिडी खत्म कर गैर मुस्लिमों को खुश करने का काम किया गया है।

खेल खेला जाता है
ऑल इंडिया मिल्ली कौंसिल के जिलाध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि वे तो पहले से ही हज यात्रा सब्सिडी समाप्त करने की मांग करते रहे हैं। क्योंकि सब्सिडी के नाम पर मुसलमानों के साथ खेल खेला जाता है। उन्होंने बताया कि जब आम दिनों में हवाई जहाज का किराया 28 हजार रुपये है तो हज के दौरान यही किराया 60 हजार कर दिया जाता है। हज यात्रियों से आम दिनों का किराया लिया जाए।
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जिसको हज करना हो वो जरूर करेगा
मदरसा इस्लामी अंदर कोट गुजरीबाजार के शिक्षक हाजी मो. शम्स कादरी ने बताया कि सरकार हर काम मुसलमानों को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रही है। उनमें से एक सब्सिडी को समाप्त करना भी है। सरकार कोई भी छूट न दें, जिसको हज करना है वे जरूर करेगा।

सहूलियत देनी चाहिए
गोला कुआं दरियागंज मस्जिद के इमाम मौलाना जिब्राईल ने कहा कि हज यात्रियों की सब्सिडी समाप्त करने का मामला मुसलमानों के साथ भेदभाव है। जबकि अन्य तीर्थ यात्रियों को सरकार आर्थिक रूप से सहूलियत देती है। हज यात्रियों को यह सहूलियत देनी चाहिए कि वे किसी भी एयरलाइन्स से सफर करें। उसे एयर इंडिया से सफर करने के लिए बाध्य न किया जाए।
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किराए पर अंकुश लगे
दारूल उलूम इस्माईल नगर के शिक्षक मौलाना कारी सलमान कासमी ने कहा कि भाजपा की मंशा मुसलमानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की है। सब्सिडी खत्म कर ऐसा किया गया है। हज यात्रियों से मनमाने ढंग से जो किराया वसूला जाता है, उस पर अंकुश लगना चाहिए।


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