मेरठ। तेनू काला चश्मा जचदा ऐ, कदी ते हंस बोल दे, मैं तेनू समझावा जी, कि तेनू सूट सूट करदा जैसे पंजाबी गीतों से जीटीबी स्कूल का मैदान गूंज उठा। पंजाबी समाज मेरठ की ओर से रविवार को लोहड़ी महोत्सव मनाया गया। शुभारंभ आयोजन के मुख्य अतिथि असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सांसद राजेंद्र अग्रवाल, सीसीएसयू के वीसी प्रो. एनके तनेजा, पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर संघचालक विनोद भारती, राजवीर सिंह, अविनाश जुनेजा, प्रदीप मल्होत्रा, सतीश साहनी, अमरजीत कौर सलवान, अंजू खन्ना, मेहर सलवान, रीमा सरीन आदि मौजूद रहे। राज्यपाल जगदीश मुखी ने लोहड़ी पूजन किया। समाज के सदस्यों ने मिलकर लोहड़ी की परिक्रमा करते हुए सुख, संपत्ति की प्रार्थना की। डॉ. एसके सूरी ने बताया कि लोहड़ी पंजाब प्रांत का महत्वपूर्ण पर्व है। इससे ही शरद मौसम की विकरालता घटती है और बसंत ऋतु के आगमन की दस्तक होती है। पंजाबी परिवार इस दिन भांगड़ा करते, गिद्दा करते हैं। महिलाएं लोकगीत गाती हैं। लोहड़ी जलाकर सभी एक दूसरे की सुख, संपन्नता की कामना करते हैं। आयोजन का मुख्य आकर्षण पॉप गायक शिवजोत एवं संदीप बरार की लाइव गायन प्रस्तुति रही। समाज के सदस्यों ने पंजाबी गीतों पर डांस किया। ढोल पर भांगड़ा भी किया। मंच संचालन डॉ. एसके सूरी ने किया। पंजाबी समाज के संस्थापक विपिन सोढ़ी, दुर्गेश गुलाटी, अध्यक्ष सरदार हरविंदर सिंह, उपाध्यक्ष राकेश बाठला, महासचिव नीरज नारंग, संयुक्त सचिव लव खुराना, ट्रेजरार तरुण चोपड़ा, संरक्षक सीएल रामदास, सरदार नानक सिंह गुप्ता, डॉ. विनीत नंदा, सोमनाथ घई, पूरन चंद चौधरी, सरदार अमरजीत सिंह, विजय भोला व बालकृष्ण त्रिखा, कुलभूषण महाजन एवं राजकुमार तनेजा आदि मौजूद रहे।
राजनीति नहीं समाजोत्थान में संयुक्त हो पंजाबी समाज
राज्यपाल जगदीश मुखी ने कहा कि मेरठ में आना मेरे लिए बेहद खुशी की बात है। पंजाबी समाज का इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान है, हमें उस पर गर्व है। भारत विभाजन के वक्त पंजाबी समाज ने विभाजन का विरोध किया था, देश के विभाजन के खिलाफ आवाज उठाई थी। पंजाबी समुदाय गोरों के सामने झुका नहीं बल्कि डटकर खड़ा रहा। आज पंजाबी समाज को संगठित होने की जरूरत है। बेरोजगारों क ो रोजगार देने व गरीबों के उत्थान की दिशा में समाज के धनाढ्य लोगों को कदम उठाने चाहिए। पंजाबी समाज का संगठित होना केवल राजनीति के लिए नहीं बल्कि समाज के उत्थान के लिए जरूरी है। उन्होंने समाज के लोगों से कहा कि आप लोग अगर समाज के गरीबों की मदद राजनीति लाभ के लिए नहीं बल्कि निस्वार्थ भाव से करेंगे तो राजनीति लाभ भी अवश्य मिलेगा।
संदीप बरार, शिवजोत के गीतों पर किया गिद्दा
आयोजन का मुख्य आकर्षण पंजाबी पॉप गायक संदीप बरार और शिवजोत की लाइव परफार्मेंस थी। दोनों गायकोें ने लोहड़ी के इस पर्व को अपनी आवाज के जादू से यादगार बना दिया। संदीप बरार ने सेम टाइम सेम जगह, चख लेन दे, चखवें बंदे, काला चश्मा जचदा ऐ, स्टेप कट, फिएट वरगी, गोरया दियां सखियां, तड़ियां आदि गीत सुनाएं। शिवजोत सिंह ने दिल से सैफी, फोर्ड वर्सिस फोर्ड आदि गाने सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। डांस ट्रुप्स ने डांस भी किया। सभी सदस्यों ने खूब डांस और भांगड़ा किया।