नगरायुक्त ने एक सप्ताह में मांगी शौचालयों की रिपोर्ट
मेरठ। शौचालय निर्माण के मामले में नगरायुक्त ने अपर नगरायुक्त से रिपोर्ट मांगी है। अब निर्माण में लापरवाही बरतने वाले निगम के अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी तैयारी है। इसमें कई सफाई इंस्पेक्टर फंसते नजर आ रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर के उन भवनों में शौचालय बनाए जाने की योजना है जिनमें शौचालय नहीं हैं। शौचालय निर्माण के लिए सरकार धन भी दे रही है। योजना को शुरू हुए एक साल बीत चुका है, लेकिन अभी तक निगम प्रशासन शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया है। जिन परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए धन दिया गया। उनमें से काफी परिवारों ने शौचालय बनाने की बजाय, सरकारी खजाने का उपयोग अन्य कार्यों में कर लिया है। नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने शौचालयों का सत्यापन भी नहीं किया। शनिवार के अंक में अमर उजाला ने शौचालय निर्माण में धन की बंदरबांट का खुलासा किया तो नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने पूरे मामले पर संज्ञान लिया। साथ ही एक सप्ताह में शौचालय निर्माण, पात्र आवेदक और आवेदनों की रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी को निर्र्देश दिए हैं कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए।
खास बात
जांच के बाद एफआईआर कराने के दिए अपर नगरायुक्त को निर्देश