राशन डीलर जमकर कर रहे कालाबाजारी
मेरठ। जनपद में रशन वितरण प्रणाली पटरी से उतरी हुई है। लोग राशन के लिए भटक रहे हैं और राशन डीलर छुट्टी मना रहे हैं। वहीं आपूर्ति विभाग समेत अन्य सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी नगर निकाय चुनाव में व्यस्त हैं। ऐसे में राशन डीलर दुकान न खोलकर सरकारी गेहूं और चावल को ठिकाने लगाने में लगे हैं।
जनपद भर में सरकारी सस्ते गल्ले की 954 दुकानें हैं। प्रतिमाह 66804 क्विंटल गेहूं और 44536 क्विंटल चावल का आवंटन होता है। शहर और कस्बों में मशीनों से सरकारी राशन का वितरण किए जाने के आदेश हैं। बाकी गांवों में अभी भी पुरानी व्यवस्था में राशन वितरण हो रहा है। राशन कब बंटता है, इसका किसी को नहीं पता। सत्यापन करने वाले अधिकारी अपने कार्यालय में बैठकर ही मुहर लगा रहे हैं और सरकारी राशन की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। जबकि मामले की एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। उधर, इस संबंध में जिलापूर्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि जो दुकानदार समय से दुकान नहीं खोलते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई निश्चित है। राशन की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी।