सिविल लाइन क्षेत्र में रविवार को दिनभर धारा 144 का बैंड बजता रहा। थानेदार से लेकर सीओ तक फोर्स के साथ मौजूद रहे। कलक्ट्रेट में नामांकन करने आए सपा और बसपा प्रत्याशियों के साथ समर्थकों ने पुलिस के सामने ढोल नगाड़े बजाकर घंटों तक नारेबाजी की और पुलिस तमाशबीन बनी रही। इस दौरान कलक्ट्रेट और पुलिस कार्यालय के सामने जाम लगा रहा।
सुमित गुर्जर एनकाउंटर को लेकर रविवार को सपा नेता अतुल प्रधान ने कमिश्नरी के बाहर चौधरी चरण सिंह पार्क में सैकड़ों लोगों के साथ धरना देते हुए मंच से भाषण दिया। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर भी पहुंचे थे। जबकि आचार संहिता लागू होने के साथ ही धारा 144 भी लगी सपा नेताओं ने धरना देने व भाषण ने के लिए कोई परमिशन नहीं मांगी थी।
सीओ सिविल लाइन चक्रपणि त्रिपाठी ने बताया कि सिविल लाइन थाने में राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, अतुल प्रधान समेत 18 नामजद और 100 अज्ञात के खिलाफ धारा 144 के उलंघन में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वहीं कलक्ट्रेट में नामांकन को लेकर प्रत्याशी समर्थकों के साथ ढोल, नगाड़ों के साथ पहुंचे। अंबेडकर चौराहे से लेकर कलक्ट्रेट तक लंबा जाम लगा रहा। पहले सपाइयों ने बाइक पर ढोल बजाते हुए रैली निकाली। वाहन चालक परेशान रहे और सपाई सड़क जाम कर नारेबाजी करने में लगे रहे। सपाइयों के जाने के बाद बसपाइयों ने भी ढोल नगाड़े बजाकर नारेबाजी की।
इंस्पेक्टर और सीओ की मौजूदगी में लगा जाम
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने कलक्ट्रेट के मुख्य गेट से 100 मीटर दूर तक प्रत्याशी या समर्थकों के वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन सिविल लाइन पुलिस ने कोई बैरिकेडिंग नहीं की।
कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर इंस्पेक्टर सिविल लाइन अमरेश सिंह और सीओ दौराला पंकज कुमार की ड्यूटी लगी थी। ऐसे में दोनों ही अधिकारी फोर्स के साथ तैनात थे। लेकिन नामांकन के लिए आए प्रत्याशियों के समर्थकों ने खूब हुड़दंग किया। तीन दिन पहले ही कलक्ट्रेट के गेट के पास से 50 पुलिसकर्मियों की मौजदूगी में एनआरआई महिला के पांच लाख भी उड़ा दिए थे। एसपी सिटी मानसिंह चौहान का कहना कि ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर और सीओ से जवाब मांगा गयाl