सबमर्सिबल की फाइलें ढूंढने में जुटा जलकल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
सबमर्सिबल की संख्या और उनकी रिपेयरिंग में खेल का खुलासा होने के बाद शुक्रवार को जलकल विभाग के अधिकारियों में हलचल मची रही। विभाग के अधिकारियों ने एक एचपी और 10 एचपी के सभी सबमर्सिबल का लेखाजोखा जुटाना शुरू कर दिया है। साथ ही उनका मौके पर सत्यापन भी कराए जाने की तैयारी हो रही है।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में जलकल विभाग द्वारा सबमर्सिबल की रिपेयरिंग में लाखों के खेल का खुलासा किया था। विभाग की तरफ से महानगर में वन एचपी और दस एचपी के 11,200 सबमर्सिबल लगाए गए हैं। इन सबमर्सिबल का फ्यूज फुंकता है तो फाइलों में मोटर बदला जाता है। विभाग का गोलमाल यहीं तक सीमित नहीं है। बल्कि फाइल बनती है कंपनी के मोटर की, लेकिन डाला जाता है लोकल कंपनी का मोटर। इस पर साल में करीब डेढ़ करोड़ से भी अधिक खर्च हो रहा है।
जिस सूचना को जलकल विभाग के अधिकारी नगरायुक्त को देने में आनाकानी कर रहे थे। अब उसे तैयार किया जा रहा है। सबमर्सिबल का रिकार्ड फाइलों में कितना दर्ज है। इसकी सत्यता स्थलीय निरीक्षण कराने के बाद ही साफ होगी। सूत्रों की मानें तो कुछ सबमर्सिबल तो केवल फाइलों में ही लगे हैं। वजह जलकल विभाग में चार-पांच फर्म पार्षद, कर्मचारी और अधिकारियों के सानिध्य में चल रही हैं। सूत्र बताते हैं कि अगर नगरायुक्त को जलकल विभाग में चल रही धांधली पर शिकंजा कसना है तो गोपनीय जांच कराएं। कुछ पार्षद, भाजपा नेता, अधिकारी और कर्मचारियों के रिश्तेदार और उनसे जुड़े ठेकेदारों की फर्म के कार्यों का सत्यापन कराएं।
वर्जन:::::::::::::::
महानगर में वन एचपी और दस एचपी के सभी सबमर्सिबल की सूची तैयार की जा रही है। जेई से मौके पर सत्यापन भी कराया जाएगा। क्योंकि जेई की ही निगरानी में सबमर्सिबल लगवाए जाते हैं। हम भी अपने स्तर से जांच करा रहे हैं।
संजीव रामचंद्र, महाप्रबंधक जलकल, नगर निगम
प्रमुख बातें=====
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