हस्तिनापुर। 20 से लेकर 28 अक्टूबर यानी कार्तिक अष्टमी कृष्ण से अमावस्या तक भिन्न-भिन्न प्रकार के नौ महालक्ष्मी योग बनेंगे। जिनमें हर दिन खरीदारी करने से कुछ न कुछ लाभ जरूर मिलेगा। यह जानकारी ज्योतिषविद डॉॅ. विभोर भारद्वाज ने दी।
इन दिनों चंद्रमा, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या और तुला राशी में सूर्य के सापेक्ष भ्रमण करेगा। बृहस्पति की वृश्चिक राशि में उपस्थिति, तुला राशि में बुध आदित्य लक्ष्मी-विष्णु तथा विपरीत धन-राज-योग बनेंगे। इन 10 दिनों में अधिक से अधिक खरीदारी की जाए। दिन विशेष के आधार पर सोना, चांदी, धातु एवं अन्य वस्त्र आदि की खरीदारी की जाए। उनके चलते सूर्य-शुक्र का लक्ष्मी-विष्णु योग मजबूती पाएगा। बुध-आदित्य योग धन प्राप्ति में अगली दीपावली तक बढ़ोतरी करेगा। 20 तारीख को रवि योग, अचानक धन प्राप्ति योग में नवीन वस्त्र, धातु तथा बच्चों के लिए चांदी की चीज खरीदें। 21 को स्वार्थ सिद्धि योग, दांपत्य अष्टमी योग अहोई अष्टमी में स्त्री-पुरुष अपने लिए वस्त्र आदि खरीदें। 22 तारीख को स्वार्थ सिद्धि योग, धनपुष्य योग में वाहन, भूमि वस्त्र खरीदें, 23 तारीख को बुधादित्य योग, विष्णु-प्रभा योग में नववधू के लिए चांदी का सामान एवं लाल रंग के वस्त्र खरीदें। 24 तारीख को रमा एकादशी योग, सुनंदा एकादशी योग में पीतल और तांबे के सामान, शिव-पार्वती की मूर्ति तथा पुरुषों के लिए पीले रंग के वस्त्र लक्ष्मी को आकर्षित करेंगे। 25 तारीख को धनतेरस में हर प्रकार के वाहन सभी धातुओं के बर्तन, सोने-चांदी के सिक्के तथा गहने आदि खरीदें। लाल साड़ी आदि विशेष योगकारी रहेंगी। जिससे लक्ष्मी प्राप्ति हो, 26 तारीख को नरक-चतुर्दशी में राहु और शनि की परस्पर 180 डिग्री की युति के कारण अचानक धन-योग बनेगा। इस दिन भी हर प्रकार के वाहन, जमीन, वस्त्र तथा घरेलू सामान खरीदने अच्छे रहेंगे। 27 तारीख को महालक्ष्मी पूजन है। इस दिन सजावट के सामान, धातु के बर्तन, पर्दे, वस्त्र, वाहन, खरीद सकते हैं। 28 तारीख को अन्नकूट है। इस दिन चंद्रमा और सूर्य तुला राशि में तथा बुध, बृहस्पति और शुक्र वृश्चिक राशि में होंगे। परस्पर पांच ग्रहों की 2-12 की स्थिति भी वाहन जमीन तथा हर प्रकार की खरीद बेच के लिए उत्तम योग बनाएंगे। इस दिन गोवर्धन की पूजा करने के उपरांत एक-दूसरे को पीतल का मेढक प्रदान करें। जिससे अधिक से अधिक लक्ष्मी संग्रह हो तथा देश और समाज की अधिक से अधिक उन्नति हो सके।