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विद्युत बिलों में डेढ़ करोड़ के गबन में अधिशासी अभियंता समेत पांच नपे

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विद्युत बिलों में डेढ़ करोड़ के गबन में अधिशासी अभियंता समेत पांच नपे
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अधिशासी अभियंता, एसडीओ, कार्यालय सहायक और कैशियर निलंबित, बागपत का मामला
फोटो जारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/बागपत। बिजली बिलों में हेराफेरी कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गबन मामले में पीवीवीएनएल एमडी आशुतोष निरंजन ने अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह, एसडीओ विकल्प महेश, सहायक लेखाधिकारी ईशपाल सिंह और कार्यकारी सहायक राजीव कुमार गौड़ को निलंबित कर दिया है। गबन के सूत्रधार कैशियर सुरेश बाबू निवासी बुलंदशहर को बागपत पुलिस ने बृहस्पतिवार को ही हिरासत में ले लिया था। शुक्रवार को सुरेश बाबू को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता समेत चार आरोपी फरार हैं। इस कार्रवाई से से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आरोपियों ने दिसंबर 2018 से मार्च 2019 तक विद्युत बिल की धनराशि निगम के खाते में जमा नहीं कराई।
एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि मामला बागपत से जुड़ा है। विद्युत वितरण खंड प्रथम बागपत कार्यालय के रिकंसाइलेशन क्लर्क सुरजीत कुमार व सहायक लेखाकार अतुल जैन द्वारा कैश बुक से फ्लूएंट ग्रिड सॉफ्टवेयर सिस्टम की 1 दिसंबर 2018 से 31 मार्च 2019 तक एवं एचसीएल सिस्टम की 13 दिसंबर 2018 से 31 मार्च 2019 तक प्राप्त रिपोर्ट-51 की जांच की गई। मिलान करने पर पाया गया कि तत्कालीन कैशियर सुरेश बाबू की तैनात अवधि 13 फरवरी 2008 से 8 मार्च 2019 तक विद्युत वितरण उपखंड प्रथम बागपत कार्यालय में बिल चालानों के विरुद्ध प्राप्त धनराशि 1 करोड़ 44 लाख 84 हजार 108 रुपये जमा नहीं कराए गए।
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इस संबंध में बागपत कोतवाली पुलिस ने आरोपी तत्कालीन लिपिक सुरेश कुमार, विद्युत उपकेंद्र बागपत के मुख्य खजांची राजीव कुमार गौड़, विद्युत उपकेंद्र बागपत के तत्कालीन उपखंड अधिकारी विकल्प महेश, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी ईशपाल, सहारनपुर जनपद के नकुड़ में तैनात अधिशासी अभियंता राजबीर सिंह के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। बागपत पुलिस ने आरोपी लिपिक सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया। फरार आरोपियों को भी जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले के दोषी तत्कालीन अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह, एसडीओ विकल्प महेश, सहायक लेखाधिकारी ईशपाल सिंह और कार्यकारी सहायक राजीव कुमार गौड़ को निलंबित किया गया है। कड़े फैसले से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी आशुतोष निरंजन का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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