मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में रेग्युलर और प्राइवेट में हर साल ढाई लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं की डिग्री जारी होती है। रेग्युलर छात्रों की डिग्री यूनिवर्सिटी आजकल कॉलेजों में भेज रही है।
प्राइवेट छात्रों की डिग्री अभी तक कैंपस से ही लेनी पड़ती थी। पिछली बार से प्राइवेट कोर्सों की डिग्रियों को हर जिले में बनाए गए एडेड कॉलेजों में नोडल सेंटरों पर भिजवाया जा रहा है। वहां से संबंधित जिले के छात्र-छात्राएं 20 रुपये लेकर अपनी डिग्री ले सकते हैं।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में रहती है पैसों की शिकायत
एक तरफ जहां यूनिवर्सिटी कॉलेजों में डिग्री भिजवा रही है। वहीं सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से डिग्री देने की एवज में पैसे लेने की शिकायतें सामने आ रही थीं। एडेड कॉलेजों से भी छात्रों के डिग्री नहीं लेने की समस्याएं आ रही थी। एक साल बाद उनको भी डिग्रियां रखना मुश्किल हो रहा है।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने छात्रों की समस्याओं को देखते हुए इस व्यवस्था में बदलाव कराने को कहा है। जिसके चलते यूनिवर्सिटी प्रशासन यह प्लानिंग कर रहा है कि रेग्युलर और प्राइवेट छात्रों की डिग्रियों को कोरियर के जरिए छात्र-छात्राओं को दिए पते पर भिजवाया जा सके। कोरियर कंपनी ब्लू डार्ट के प्रतिनिधियों से प्रथम चरण की बात पूरी हो चुकी है।
उत्तर पुस्तिकाएं मंगाने का भी जिम्मा दिया जा सकता है कंपनी
अभी तक सेंटरों से उत्तर पुस्तिकाओं को दूसरे दिन पेपर पहुंचाए जाने के बाद यूनिवर्सिटी के कर्मचारी लेकर आते हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन प्लानिंग कर रहा है कि रोजाना पेपर खत्म होने के ठीक बाद उत्तर पुस्तिकाओं को ब्लू डार्ट कोरियर कंपनी द्वारा ही मंगाया जाए। इस बार से ही यह व्यवस्था लागू की जा सकती है। शुरुआत में बागपत, सहारनपुर और बुलंदशहर जैसे संवेदनशील जिलों की उत्तर पुस्तिकाएं मंगाई जाएंगी।
यूनिवर्सिटी में भी सुधरेगी स्थिति
डिग्री कोरियर कंपनी द्वारा छात्रों के घर भिजवाए जाने से यूनिवर्सिटी में भी स्थिति सुधरेगी। अभी डिग्री लेने के लिए विभाग में छात्र-छात्राओं की भीड़ लगी रहती है। लंबे समय तक डिग्री के लिए वेटिंग रहती है।