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कूड़े के ढेर में दब रहा शहर, सांस लेना भी दूभर

Tue, 17 Jul 2018 01:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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dumping ground
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मेरठ। शहर के बाहरी इलाकों में डाले जा रहे कूड़े का विरोध शुरू होते ही शहर के अंदर से ही कूड़ा उठना बंद हो गया है। सोमवार को आधे से अधिक शहर के इलाकों से कूड़ा नहीं उठ पाया। जिसके कारण लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। हालात यह हो गए हैं कि शहर के अंदर-बाहर कूड़े की पहाड़ियां बन गई हैं। अभी तक नगर निगम प्रशासन कूड़ा डालने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है।

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शहर से रोजाना 800 मीट्रिक टन कूड़ा
शहर से रोजाना 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जिसे कहां डाला जाए, यह निगम तय नहीं कर पा रहा है। शहर की बाहरी सड़कों के किनारे या हापुड़ रोड पर लोहियानगर में एक निजी भूमि पर कूड़ा जा रहा है। जिसको लेकर स्थानीय लोग आए दिन विरोध कर रहे हैं। जिसके कारण शहर कूड़े के ढेर में दबता नजर आ रहा है।
दोनों डिपो हुए प्रभावित


सोमवार को दिल्ली रोड और कंकरखेड़ा वाहन डिपो से जुड़े इलाकों से कूड़ा नहीं उठ पाया। कारण, शहर से बाहर लोहियानगर और कंकरखेड़ा के मार्शल पिच आदि पर कूड़ा डालने का जनता ने विरोध कर दिया है। जिसके चलते शहर के भीतर खत्ता घरों से एक भी गाड़ी कूड़ा नहीं उठ पाया। इससे कूड़े की पहाड़ियां बन गयी।

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कूड़े से खत्ता रोड तक हो गया बंद
खत्ता रोड के किनारे बनाए गए खत्ताघर पर इतना कूड़ा जमा हो गया कि कर्मचारियों ने कूड़ा सड़क पर डाल दिया। दिन निकलते ही खत्ता रोड बंद हो गया। यहां से भारी वाहन भी नहीं निकल सके। लोगों का सांस लेना भारी हो गया। शाम तक जनता यहां से नहीं गुजर सकी। आसपास की गलियों में भी वाहनों के कारण जाम लगा रहा।

प्लांट लगता तो नहीं होती समस्या
मेरठ। शहर से निकलने वाले 800 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण को लेकर चार साल से जद्दोजहद चल रही है। कभी सरकार तो कभी निगम प्रशासन में कूड़ा निस्तारण प्लांट अटकाता रहा। जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है। शहर सड़ रहा है। इससे शहर के कई इलाकों में बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लग गया है। अगर निगम कूड़ा निस्तारण प्लांट लगवा देता तो यह नौबत नहीं आती। प्लांट लगने के बाद ही शहर को कूडे़ से निजात मिलेगी।

काशी के जंगल में जगह की तलाश
लोहियानगर में कूड़ा न डालने देने पर अब निगम प्रशासन ने कांशी गांव की तरफ रुख किया है। हालांकि इससे पहले कांशी में विरोध के कारण कुछ ही समय बाद निगम को उल्टे पांव लौटना पड़ा था। अब निगम को पसीना छूटा हुआ है। कूड़े डाले जाने का हर जगह विरोध हो रहा है।

गांवड़ी में नहीं डलने दे रहे कूड़ा
निगम ने गांवड़ी में डंपिंग ग्राउंड खरीदा था। जिस पर हजारों मीट्रिक टन कूड़ा डाला जा चुका है। जमीन खरीदते समय निगम प्रशासन ने गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने का सपना दिखाया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया। कूड़े से निकल रही बदबू के कारण ग्रामीणों ने पिछले साल कूड़ा डाले जाने का विरोध कर दिया था। जिसके बाद से गांवड़ी में कूड़ा नहीं डल रहा है।

आबादी से हटाया जाए खत्ता
पूर्व पार्षद शाहिद अब्बासी का कहना है कि खत्ता रोड पर खत्ता घर बस्ती के बीच में आ गया है। कूड़े से आसपास के घरों में कीड़े और बदबू पहुंच रही है। यहां से खत्ता हटाने की मांग की जा चुकी है। लेकिन अधिकारी काम करने को तैयार नहीं हैं। सोमवार को पूरे दिन खत्ता रोड कूड़े के कारण बंद रही।
 
रात में उठाया कूड़ा
निगम ने रात में शहर के खत्ताघरों से कूड़ा उठाकर शहर की बाहरी सड़कों के किनारे और आसपास खाली स्थानों पर डाला। इस विरोध से स्पष्ट है कि निगम को रात में ही कूड़ा उठाएगा और जबकि दिन भर कूड़े से शहर सड़ेगा।
 
कर रहे व्यवस्था
कूड़ा उठवाने की व्यवस्था की जा रही है। कूड़ा निस्तारण प्लांट पर भी काम चल रहा है। शीघ्र ही प्लांट लगाए जाएंगे। फिलहाल व्यवस्था की जा रही है। - मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
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हाईकोर्ट में भी निगम को फटकार

 सोमवार को भी नगर निगम की ओर से अधिकारी या अधिवक्ता न्यायालय नहीं पहुंचे। न्यायालय ने निगम की कार्य प्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आगामी 27 जुलाई को फिर से सुनवाई की तिथि नियत की है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की हुई है। जिसमें उन्होंने मंगतपुरम और गांवड़ी में कूड़े की पहाड़ी, लोहियानगर और शहर की बाहरी सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर को लेकर निगम के खिलाफ पूरे साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिस पर न्यायालय में कई बार निगम प्रशासन को फटकार लग चुकी है। सोमवार को भी न्यायाधीश एमके गुप्ता की कोर्ट में मामले पर सुनवाई थी। लोकेश खुराना का कहना है कि निगम की तरफ से न तो कोई अधिकारी और न अधिवक्ता ही न्यायालय में पहुंचे।

पर्यावरण के हालात बहुत खराब
- शहर के बाहर कूड़ा डलने का विरोध होने से अंदर से कूड़ा उठना हुआ बंद
- लोहियानगर, गांवड़ी सहित कई स्थानों पर हो रहा कूड़ा डालने का विरोध
- नगर निगम नहीं निकाल पा रहा समाधान, रोजाना बिगड़ रहे हालात
- दिल्ली रोड वाहन डिपो और कंकरखेड़ा डिपो क्षेत्र से नहीं उठ रहा कूड़ा
 
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